बुधवार, 13 दिसंबर 2017

लीलाधर जगूड़ी की रचनाएँ

लीलाधर जगूड़ी की रचनाएँ

मुहम्मद इलियास हुसैन
9717324769
iliyashussain@gmail.com

लीलाधर जगूड़ी
जन्म : 1 जुलाई 1940, धंगड़, टिहरी (उत्तराखंड)
प्रमुख कृतियाँ : कविता संग्रह : 1. शंखमुखी शिखरों पर (1964), 2. नाटक जारी है (1972), 3. इस यात्रा में (1974), 4. रात अभी मौजूद है (1976), 5. बची हुई पृथ्वी (1977), 6. घबराये हुए शब्द (1981), 7. भय भी शक्ति देता है, 8. अनुभव के आकाश में चाँद, 9. महाकाव्य के बिना, 10. ईश्वर की अध्यक्षता में, 11. ख़बर का मुँह विज्ञापन से ढँका है।
नाटक : पाँच बेटे
गद्य : मेरे साक्षात्कार
सम्मान : साहित्य अकादमी पुरस्कार अनुभव के आकाश ममें चांद पर 1997 में, पद्मश्री सम्मान, रघुवीर सहाय सम्मान।

शनिवार, 25 नवंबर 2017

प्रेमचन्द की कहानियाँ : कालक्रमानुसार

प्रेमचन्द की कहानियाँ : कालक्रमानुसार

मुहम्मद इलियास हुसैन
hindisahityavimarsh.blogspot.in
E-mail : iliyashussain1966@gmail.com
Contact : 9717324769

1907 दुनिया का सबसे अनमोल रतन (ज़माना, 1907)
1907 रूठी रानी (ज़माना, अप्रैल-अगस्त 1907)

1908 सांसारिक प्रेम और देश प्रेम (‘जमाना’, अप्रैल 1908)
1908 यही मेरी मातृभूमि है (सोज़े-वतन, जून 1908, हिन्दी गुप्त धन 1962)
1908 शैख़ मख़मूर (सोज़े-वतन, जून 1908, गुप्त धन 1962))
1908 शोक का पुरस्कार (सोज़े-वतन, मूल शीर्षक ‘सिला-ए-मातम’, जून 1908)
1908 सुलहे मातम (सोज़े-वतन जून 1908, हिन्दी शोक का पुरस्कार गुप्त धन 1962)
1908 दाराशिकोह का दरबार (सितम्बर 1908)

1910 दूध का दाम (1910)
1910 शिकार (ज़माना, जून 1910)
1910 पाप का अग्निकुण्ड (ज़माना, जुलाई 1910, शाप शीर्षक से 1924 में)
1910 बेगरज मोहसिन (सितम्बर 1910)
1910 नेकी (‘अदीब’, सितम्बर 1910 - मूल शीर्षक ‘बेगरज मोहसिन’)
1910 बड़े घर की बेटी (ज़माना, दिसम्बर 1910)

1911 विक्रमादित्य का तेगा (ज़माना, जनवरी 1911)
1911 करिश्मा-ए-इन्तिकाम (जमाना, फ़रवरी 1911)
1911 राजा हरदौल (ज़माना, अप्रैल 1911)
1911 बड़ी बहन (‘अदीब’, जुलाई 1911)
1911 आखिरी मंजिल (ज़माना, अगस्त-सितम्बर 1911 मूल शीर्षक ‘मंजिले मकसूद’)
1911 खौफे रुसवाई (‘अदीब’, सितम्बर 1911)
1911 आह-ए-बेकस (हिन्दी में ग़रीब की हाय, ज़माना, अक्टूबर 1911)
1911 गरीब की हाय (ज़माना, अक्टूबर 1911)

1912 आल्हा (ज़माना, जनवरी 1912)
1912 ममता (ज़माना, फ़रवरी 1912)
1912 नसीहतों का दफ्तर (‘जमाना’, मई-जून 1912 - मूल शीर्षक ‘आलिमे बेअमल’)
1912 कैफरे किरदार (अदीब, जुलाई 1912)
1912 मनावन (‘जमाना’, जुलाई 1912)
1912 राजहठ (ज़माना, सितम्बर 1912)
1912 धोखे की टट्टी (अदीब, नवम्बर 1912)

1913 त्रिया चरित्र (‘जमाना’, जनवरी 1913)
1913 अमृत (‘जमाना’, मार्च 1913 - पत्रिका में शीर्षक था ‘मौत और जिन्दगी’ लेकिन ‘प्रेम पचीसी’, भाग-2 में ‘अमृत’ शीर्षक से संकलित हुई)
1913 सगे लैला (अदीब, अप्रैल 1913)
1913 अमावस की रात (ज़माना, अप्रैल 1913, हिन्दी में अमावस्या की रात्री)
1913 धर्मसंकट (ज़माना, मई 1913, उर्दू में निगाहे नाज़)
1913 मिलाप (‘जमाना’, जून 1913)
1913 अंधेर (ज़माना, जुलाई 1913, गुप्त धन में संकलित)
1913 बांगे सहर (हमदर्द 1913)
1913 दारू-ए-तल्ख (‘हमदर्द’, 17 जुलाई 1913)
1913 सिर्फ एक आवाज (‘जमाना’, अगस्त-सितम्बर 1913)
1913 नमक का दारोग़ा (हमदर्द, अक्टूबर 1913)
1913 बाँका ज़मीदार (ज़माना, अक्टूबर 1913 हिन्दी गुप्त धन 1962)

1914 अनाथ लड़की (जमाना, जून 1914)
1914 ख़ूने-सफेद (ज़माना, जुलाई 1914)
1914 शिकारी और राजकुमार (ज़माना, अगस्त 1914)
1914 सौदा-ए-खाम (‘हमदर्द’, अगस्त 1914)
1914 अपनी करनी (जमाना, सितम्बर-अक्टूबर 1914 - मूल शीर्षक ‘शामते आमाल’; ‘खाके
परवाना’ में ‘खाके परवाना’ शीर्षक से संकलित हुई)
1914 पछतावा (ज़माना, नवम्बर 1914)
1915 विस्मृति (ज़माना, जनवरी-फ़रवरी 1915)
1915 गैरत की कटार (जमाना, जुलाई 1915)
1915 कर्मों का फल (खतीब, अगस्त 1915)
1915 बेटी का धन (ज़माना, नवम्बर 1915)
1915 सौत (सरस्वती, दिसम्बर 1915)

1916 दो भाई (ज़माना, जनवरी 1916)
1916 शंखनाद (प्रभात, फ़रवरी 1916)
1916 नेकी की सज़ा (सरस्वती, मार्च 1916)
1916 पंच परमेश्वर (जून 1916)
1916 घमण्ड का पुतला (जमाना, अगस्त 1916 - मूल शीर्षक ‘सरे पुरगुरूर’)
1916 अपने फन का उस्ताद (‘जमाना’, सितम्बर 1916)
1916 जुगनू की चमक (ज़माना, अक्टूबर 1916)
1916 धोखा (ज़माना, नवम्बर 1916)
1916 सज्जनता का दण्ड (1916)

1917 दरवाजा (अलनाजिर, जनवरी 1917)
1917 राजपूत की बेटी (ज़माना, जनवरी 1917)
1917 ज्वालामुखी (ज़माना, मार्च 1917)
1917 उपदेश (ज़माना, मई 1917)
1917 ईश्वरीय न्याय (सरस्वती, जुलाई 1917)
1917 दुर्गा का मन्दिर (सरस्वती, सितम्बर 1917)
1917 रानी सारंगा (ज़माना, अगस्त, सितम्बर 1910, हिन्दी में 1917 में)
1917 वियोग और मिलाप (‘प्रताप’, सितम्बर 1917)
1917 कप्तान साहब (ज़माना, दिसम्बर 1917)

1918 विजय (‘जमाना’, अप्रैल 1918 - मूल शीर्षक ‘फतह’)
1918 शान्ति (तहज़ीबे-निसवाँ, मई, 1918)
1918 बलिदान (सरस्वती, मई 1918)
1918 सेवा मार्ग (ज़माना, जून 1918)
1918 जंजाल (‘तहजीबे निस्वाँ’, उर्दू मासिक, अगस्त 1918)
1918 वासना की कड़ियाँ (कहकशाँ, सितम्बर-अक्टूबर 1918)
1918 महातीर्थ (कहकशाँ, नवम्बर 1918)
1918 वफा का खंजर (जमाना, नवम्बर 1918 - मूल शीर्षक ‘खंजरे वफा’)

1919 बैंक का दिवाला (कहकशाँ, फ़रवरी 1919)
1919 विमाता (कहकशाँ, जून 1919, सौतेली माँ)
1919 सौतेली मां (कहकशाँ, जून 1919)
1919 अनिष्ट शंका (कहकशां, अगस्त 1919)
1919 अनिष्ट शंका (अगस्त 1919)
1919 इज्जत का खून (‘सुबहे उम्मीद’, सितम्बर 1919 - मूल शीर्षक ‘खूने हुर्मत’)
1919 खूने हुर्मत (‘सुबहे उम्मीद’, सितम्बर 1919)
1919 दफ्तरी (कहकशाँ, अक्टूबर 1919)

1920 अश्के नदामत (कहकशाँ, उर्दू मासिक पत्रिका, जनवरी 1920)
1920 आत्माराम (ज़माना, जनवरी 1920)
1920 बाँसुरी (‘कहकशाँ’, जनवरी 1920)
1920 पशु से मनुष्य (प्रभा, फ़रवरी 1920)
1920 आबे हयात (‘सुबहे उम्मीद’, मार्च 1920)
1920 प्रतिज्ञा (श्री शारदा, मार्च 1920)
1920 मनुष्य का परम धर्म (स्वदेशी, मार्च 1920)
1920 पुत्र प्रेम (‘सरस्वती’, जून 1920)
1920 बूढ़ी काकी (कहकशाँ, जुलाई 1920)
1920 बोध (1920)
1920 मृत्यु के पीछे (अगस्त 1920)
1920 रूहे सियाह (‘सुबहे उम्मीद’, नवम्बर 1920; यह कहानी ‘प्रतिज्ञा’ हिन्दी कहानी का मामूली परिवर्तन के साथ उर्दू अनुवाद है)
1920 स्वांग (दिसम्बर 1920, जामिया में 1935 में)
1920 ब्रह्म का स्वांग (ज़माना, दिसम्बर, 1920 मूल शीर्शक नोक-झोंक)

1921 रूहे हयात (प्रभा, जनवरी 1921, विषम समस्या)
1921 विषम समस्या (प्रभा, जनवरी 1921)
1921 विचित्र होली (स्वदेश, मार्च 1921)
1921 प्रारब्ध (ज़माना, अप्रैल 1921)
1921 आदर्श विरोध (श्रीशारदा, जुलाई 1921)
1921 लाग डाट (प्रभा, जुलाई 1921)
1921 लाल फ़ीता (ज़माना, जुलाई 1921)
1921 विध्वंस (आज, जुलाई 1921) 1924 विनोद (माधुरी, नवम्बर 1924)
1921 त्यागी का प्रेम (मर्यादा, नवम्बर 1921)

1922 सुहाग की साड़ी (प्रभा, जनवरी 1922)
1922 परीक्षा (चांद, जनवरी 1922)
1922 मूठ (ज़माना, जनवरी 1922)
1922 वज्रपात (माधुरी, मार्च 1922)
1922 दुस्साहस (ज़माना अप्रैल 1922, आज जून 1922)
1922 हार का जीत (मर्यादा, मई 1922)
1922 गुप्त धन (श्रीशारदा, अगस्त 1922)
1922 जनता का अधिकार (माधुरी, अगस्त 1922)
1922 नागपूजा (तहज़ीबे-निसवां, अगस्त 1922)
1922 दुराशा (हज़ार दास्तान अक्टूबर 1922)
1922 लोकमत का सम्मान (ज़माना, अक्टूबर 1922)
1922 चकमा (प्रभा, नवम्बर 1922)
1922 पूर्व संस्कार (माधुरी, दिसम्बर1922)

1923 नैराश्य लीला (चांद, अप्रैल 1923)
1923 बोड़म (प्रभा, अप्रैल 1923)
1923 वैर का अन्त (सरस्वती, अप्रैल 1923)
1923 गृहदाह (श्रीशारदा, जून 1923)
1923 शुद्धि (माधुरी, जून 1923)
1923 आपबीती (माधुरी, जुलाई 1923)
1923 कौशल (चांद, अगस्त 1923)
1923 आभूषण (माधुरी, अगस्त 1923)
1923 प्रतिशोध (ज़माना, अक्टूबर 1923)
1923 सत्याग्रह (माधुरी, दिसम्बर 1923)

1924 सैलानी बन्दर (‘माधुरी’, फरवरी 1924)
1924 नबी का नीति निर्वाह (‘सरस्वती’, मार्च 1924)
1924 मुक्तिमार्ग (विशाल भारत, अप्रैल 1924)
1924 मुक्तिधन (माधुरी, मई 1924)
1924 सौभाग्य के कोड़े (प्रभा, जून 1924)
1924 अभागन (चाँद, जून 1924)
1924 नैराश्य (चांद, जुलाई 1924)
1924 एक आँच की कसर (चाँद, अगस्त 1924)
1924 निर्वासन (चांद, अगस्त 1924)
1924 भूत (माधुरी, अगस्त 1924)
1924 प्रायश्चित (माधुरी, सितम्बर 1924)
1924 दीक्षा (माधुरी, सितम्बर 1924)
1924 उद्धार (माधुरी, अक्टूबर 1924)
1924 शतरंज के खिलाड़ी/शतरंज की बाज़ी (माधुरी, अक्टूबर 1924, शतरंज के खिलाड़ी)
1924 सवा सेर गेहूँ (चाँद, नवम्बर 1924)
1924 तंत्र (चाँद, दिसम्बर 1924)
1924 तेंतर (चाँद, दिसम्बर 1924)

1925 डगरी के रुपये (माधुरी, जनवरी 1925)
1925 डिग्री के रुपये (माधुरी, जनवरी, 1925)
1925 धिक्कार (चाँद, फ़रवरी 1925)
1925 सभ्यता का रहस्य (माधुरी, मार्च 1925)
1925 मन्दिर और मस्जिद (‘माधुरी’, अप्रैल 1925)
1925 विश्वास (चाँद, अप्रैल 1925)
1925 नरक का मार्ग (चाँद, मई 1925)
1925 भाड़े का टट्टू (माधुरी, जुलाई 1925)
1925 माता का हृदय (माधुरी, जुलाई 1925)
1925 स्वर्ग की देवी (चाँद, सितम्बर 1925)
1925 दण्ड (चाँद, अक्टूबर 1925)
1925 देवी-1 (ज़माना, दिसम्बर 1925)

1926 लैला (सरस्वती, जनवरी 1926)
1926 दो सखियाँ (माधुरी, फ़रवरी 1926)
1926 दोनों तरफ से (‘जमाना’, मार्च 1911)
1926 क़जाक़ी (माधुरी, अप्रैल 1926)
1926 प्रेम सूत्र (‘सरस्वती’, अप्रैल 1926)
1926 लांछन (माधुरी, अगस्त 1926)
1926 ताँगे वाले की बड़ (‘जमाना’, सितम्बर 1926)
1926 रामलीला (माधुरी, अक्टूबर 1926)
1926 निमंत्रण (सरस्वती, दिसम्बर1926)
1926 बहिष्कार (चाँद, दिसम्बर 1926)
1926 हिंसा परमोधर्म (माधुरी, दिसम्बर 1926)
1926 गुरुमंत्र (1926)
1926 तालीफ़ (प्रेमप्रमोद संग्रह में 1926 में)

1927 बड़े बाबू (बहारिस्तान, फरवरी 1927)
1927 शादी की वजह (‘जमाना’, मार्च 1927)
1927 सती (माधुरी, मार्च 1927)
1927 कामना तरु (माधुरी, अप्रैल 1927)
1927 मन्दिर (चाँद, मई 1927)
1927 सुजान भगत (माधुरी, मई 1927)
1927 माँगे की घड़ी (माधुरी, जुलाई 1927)
1927 बाबाजी का भोग (प्रेम प्रीतमा, जुलाई 1927)
1927 आत्म-संगीत (माधुरी, अगस्त 1927)
1927 एक्ट्रेस (माधुरी, अक्टूबर 1927)
1927 गुरुमंत्र (1927)

1928 अग्नि-समाधि (विशाल भारत, जनवरी 1928)
1928 मोटेरामजी शास्त्री (माधुरी, जनवरी 1928)
1928 मंत्र (ज़माना, फ़रवरी 1928)
1928 मोटेरामजी शास्त्री का नैराश्य (समालोचक, मार्च-अप्रैल 1928)
1928 आँसुओं की होली (मतवाला, मई 1928)
1928 पिसनहारी का कुआँ (माधुरी, जून 1928)
1928 सुहाग का शव (माधुरी, जुलाई 1928)
1928 दारोगाजी (माधुरी, अगस्त 1928)
1928 नादान दोस्त (माधुरी, अगस्त 1928)
1928 सम्पादक मोटेरामजी शास्त्री (‘माधुरी’, अगस्त-सितम्बर 1928)
1928 खुदी (खाक परवाना, सितम्बर 1928)
1928 बोहनी (‘भारत’, 7 अक्टूबर 1928)
1928 खूनी (‘भारत’, 25 नवम्बर 1928)
1928 अनुभव (माधुरी, नवम्बर 1928)
1928 अभिलाषा (माधुरी, नवम्बर 1928)
1928 विद्रोही (माधुरी, नवम्बर 1928)
1928 आगा-पीछा (माधुरी, दिसम्बर 1928)
1928 इस्तीफा (भारत बन्दे, दिसम्बर 1928)

1929 खुचड़ (माधुरी, फ़रवरी 1929)
1929 प्रेम की होली (मतवाला, 23 मार्च 1929)
1929 फातिहा (विशाल भारत, मार्च 1929)
1929 पर्वत यात्रा (‘माधुरी, अप्रैल 1929)
1929 माँ (माधुरी, जुलाई 1929)
1929 कानूनी कुमार (माधुरी, अगस्त 1929)
1929 गमी (‘मतवाला’, 31 अगस्त 1929)
1929 अलग्योझा (माधुरी, अक्टूबर, 1929)
1929 कवच (‘विशाल भारत’, दिसम्बर 1929)
1929 जिहाद (पाँच फूल, 1929)
1929 घासवाली (1929)

1930 स्वप्न (वीणा, जुलाई 1930),
1930 आहुति (हंस, नवम्बर 1930)
1930 जुलूस (1930)
1930 पूस की रात (1930)
1930 समर यात्रा (1930)

1931 जेल (चन्दन, जनवरी 1931)
1931 वतन की कीमत (‘नैरंग’, उर्दू मासिक, जनवरी 1931)
1931 आखिरी हीला (चन्दन, फरवरी 1931)
1931 होली का उपहार (‘माधुरी’, अप्रैल 1931)
1931 खेल (‘चन्दन’, अप्रैल 1931)
1931 आखिरी तोहफा (चन्दन, अगस्त 1931)
1931 तुलू-ए-मुहब्बत (चन्दन, सितम्बर 1931)
1931 दूसरी शादी (‘चन्दन’, सितम्बर 1931)
1931 दो बैल की कथा (‘चन्दन’, नवम्बर 1931)
1931 लेखक (‘हंस’, नवम्बर 1931)
1931 अदीब की इज्जत (चन्दन, दिसम्बर 1931-‘परवीन’ शीर्षक से)
1931 तावान (1931)

1932 डिमांस्ट्रेशन (‘हुमायूँ’, जनवरी 1932)
1932 नेऊर (हंस, जनवरी 1932)
1932 जीवन-सार (‘हंस’, आत्मकथा अंक, जनवरी-फरवरी 1932)
1932 शिकवा शिकायत (‘चन्दन’, जून 1932)
1932 बीमार बहिन (‘कुमार’, जुलाई 1932)
1932 कुसुम (इस्मत, अक्टूबर 1932)
1932 बदनसीब माँ (चाँद, नवम्बर 1932)
1932 रोशनी (‘अदबी दुनिया’, नवम्बर 1932)
1932 वफा का देवता (इस्मत, दिसम्बर 1932, हंस में अप्रैल 1935 में)
1932 ठाकुर का कुआं (1932)
1932 बेटोंवाली विधवा (1932)

1933 कायर (विशाल भारत, जनवरी 1933)
1933 रंगीले बाबू (‘भारत’, 20 जनवरी 1933)
1933 वेश्या (चाँद, फ़रवरी 1933)
1933 गिल्‍ली-डंडा (हंस, फ़रवरी 1933)
1933 रसिक संपादक (जागरण, मार्च 1933)
1933 बालक (हंस, अप्रैल 1933)
1933 नयी बीवी (‘अफसाना’, मई 1933)
1933 ज्योति (इस्मत, मई 1933)
1933 अक्सीर (इस्मत, मई 1933)
1933 कैदी (हंस, जुलाई 1933)
1933 दिल की रानी (चाँद, नवम्बर 1933)
1933 ईदगाह (इस्मत, दिसम्बर 1933)
1933 वैराग्य (‘स्वाधीनता’; 1933)

1934 नशा (चाँद, फ़रवरी 1934)
1934 बारात (‘आखिरी तोहफा’, मार्च 1934)
1934 मनोवृत्ति (मार्च 1934)
1934 जादू (हंस, अप्रैल-मई 1934)
1934 रियासत का दीवान (हंस, मई 1934)
1934 इन्साफ की पुलिस (हंस, मई 1934) पात्र : सेठ नानकचन्द, केसर,
1934 दूध की कीमत (हंस, जुलाई 1934)
1934 पंडित मोटेराम की डायरी (‘जागरण’, जुलाई 1934)
1934 मुफ्त का यश (हंस, अगस्त 1934)
1934 बासी भात में खुदा का साझा (हंस, अक्टूबर 1934)
1934 बड़े भाई साहब (हंस, नवम्बर 1934)
1934 सुकूने कल्ब (‘इस्मत’, दिसम्बर 1934)
1934 शान्ति (इस्मत, 1934, सुकूने कल्ब का अनुवाद, )

1935 मासूम बच्चा (‘जामिया’, फरवरी 1935)
1935 कातिल की माँ (वारदात, मार्च 1935)
1935 देवी (‘चाँद’, अप्रैल 1935)
1935 वफा की देवी (आखिरी तोहफा, उर्दू कहानी संग्रह 1934 में संकलित, हिन्दी में चाँद के अप्रैल 1935 में)
1935 ज्योति का शाप (हंस, जून 1935)
1935 गृह-नीति (चाँद, अगस्त 1935)
1935 लॉटरी (हंस, अक्टूबर 1935)
1935 पैपुजी (‘माधुरी’, अक्टूबर 1935)
1935 मेरी पहली रचना (हंस, दिसम्बर 1935)

1936 कफन (‘चाँद’, अप्रैल 1936, जामिया, दिसम्बर 1935)
1936 होली की छुट्टी (‘जादे राह’, जुलाई 1936)
1936 दो बहनें (‘माधुरी’, अगस्त 1936, इस्मत में सितम्बर-अक्टूबर 1935 में)
1936 रहस्य (हंस, सितम्बर 1936)
1936 कश्मीरी सेब (हंस, अक्टूबर 1936)
1936 जुरमाना (1936)

1937 तथ्य (‘हंस’, फरवरी 1937, अदबी दुनिया, दिसम्बर 1935)
1937 क्रिकेट मैच (ज़माना, जुलाई 1937)
1937 वारदात (1937)

शूद्र
सद्गति

उनके जीवन काल में कुल नौ कहानी संग्रह प्रकाशित हुए- 'सप्‍त सरोज', 'नवनिधि', 'प्रेमपूर्णिमा', 'प्रेम-पचीसी', 'प्रेम-प्रतिमा', 'प्रेम-द्वादशी', 'समरयात्रा', 'मानसरोवर' : भाग एक व दो, और 'कफन'। उनकी मृत्‍यु के बाद उनकी कहानियां 'मानसरोवर' शीर्षक से 8 भागों में प्रकाशित हुई।
कहानी-संग्रह- प्रेमचंद के 21 कहानी संग्रह प्रकाशित हुए थे जिनमे 300 के लगभग कहानियाँ है। ये शोजे वतन, सप्त सरोज, नमक का दारोगा, प्रेम पचीसी, प्रेम प्रसून, प्रेम द्वादशी, प्रेम प्रतिमा, प्रेम तिथि, पाँच फूल, प्रेम चतुर्थी, प्रेम प्रतिज्ञा, सप्त सुमन, प्रेम पंचमी, प्रेरणा, समर यात्रा, पञ्च प्रसून, नवजीवन इत्यादि नामों से प्रकाशित हुई थी।

मंगलवार, 21 नवंबर 2017

मुक्त गगन है, मुक्त पवन है - माखनलाल चतुर्वेदी



स्वाधीनता प्राप्ति के अवसर पर लिखी गई निम्नलिखित कविता किस कवि की है?
‘‘मुक्त गगन है, मुक्त पवन है, मुक्त सांस गर्वीली
लांघ सात लांबी सदियों को हुई शृंखला ढीली
टूटी नहीं कि लगा अभी तक, उपनिवेश का दाग़?
बोल तिरंगे, तुझे उड़ाऊँ या कि जगाऊँ आग?’’
(1) माखनलाल चतुर्वेदी (2) रामधारी सिंह दिनकर
(3) बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’ (4) सोहनलाल द्विवेदी
माखनलाल चतुर्वेदी रचित इस कविता का शीर्षक है - मुक्त गगन है, मुक्त पवन है

शुक्रवार, 17 नवंबर 2017

Answer Keys, Hindi-3, CBSE/UGCNET/JRF, November 2017


Answer Keys, Hindi-3, CBSE/UGCNET/JRF, November 2017
Hindi sahitya vimarsh
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1. सिद्धों में प्रचलित महामुद्रा शब्द का अभिप्राय है :
(1) सिद्धि हेतु आसन का एक रूप (2) सिद्धि हेतु की जाने वाली एक क्रिया (3) सिद्धि प्राप्त हेतु स्त्री-संसर्ग (4) सिद्धि प्राप्त हेतु स्त्री से विरक्ति
2. जायसी के श्रृंगार में मानसिक पक्ष प्रधान है, शारीरिक गौण हैं यह कथन किस आलोचक का है :
(1) रामचन्द्र शुक्ल (2) विजयदेवनारायण साही (3) रामपूजन तिवारी (4) श्याम मनोहर पांडेय
3. 'इसमें कोई सन्देह नहीं कि कबीर को राम नाम रामानन्द जी से ही प्राप्त हुआ पर आगे चलकर कबीर के राम रामानन्द से भिन्न हो गए'౼ यह कथन किसका है ?
(1) राहुल सांकॉत्यायन (2) रामचन्द्र शुक्ल (3) हज़ारी प्रसाद द्विवेदी (4) माता प्रसाद गुप्त
4. विट्ठलनाथ ने वल्लभ सम्प्रदाय में किस तरह की पूजा पद्धति का समावेश किया ?
(1) वालकृष्ण की उपासना (2) युगलोपासना (3) राधा-स्तुति (4) कान्ताभाव की उपासना
5. सचिव बैद गुरु तीनि ज्यों प्रिय बोलहिं भय आस ।
राज, धर्म, तन तीनि होहिं बेगिहीं नास ।। ౼यह दोहा 'रामचरितमानस' के किस काण्ड में हैं ?
(1) बालकाण्ड (2) अयोध्याकाण्ड (3) सुन्दरकाण्ड (4) लंकाकाण्ड
6. डॉ. पीताम्बरदत्त बड़थ्वाल के अनुसार रामचन्द्रिका है :
(1) असाधारण महाकाव्य (2) फुटकर कवित्तों का संग्रह (3) छन्दों का अजायब घर (4) अलंकार मंजूषा
7. रीतिमुक्त कविता की प्रमुख प्रवृत्ति है :
(1) स्वानुभूति और स्वच्छन्दता (2) अलंकृति (3) विरोधवैचित्र्य (4) विरहातिरेक
8. सीख सिखाई न मानती है, बरबस सखीन के आवै।
खेलत खेल नये जल में, बिना काम बृथा कत जाम बितावै।
छोड़िकै साथ सहेलिन को, रहि के कौन सवादहि पावै।
कौन परी यह बानि, अरी, नित नीर भरी गगरी ढरकावै।
౼इस सवैया में नायिका की सखी का कौन-सा भाव व्यक्त हुआ है ?
(1) अनुराग (2) क्रोध (3) उपालम्भ (4) ईर्ष्या
9. घूमती है लाल-लाल मशाल अजीब-सी, अन्तराल विवर के तम में लाल-लाल कुहरा, कुहरे में, सामने, रक्तालोक-स्नात पुरुष एक रहस्य साक्षात।
౼ ये काव्य-पंक्तियां मुक्तिबोध की किस कविता से है ?
(1) इक स्वप्न कथा (2) मुझे याद आते हैं (3) अंधेरे में (4) मुझे क़दम-क़दम पर
10. 'प्रियम्बद' निम्नलिखित में से किस कविता से संबंधित पात्र है ?(1) (2) (3) (4)
(1) प्रलय की छाया (2) असाध्यवीणा (3) ब्रह्मराक्षस (4) कामायनी
11. 'मधुशाला' का प्रकाशन वर्ष है :
(1) 1935 (2) 1934 (3) 1936 (4) 1933
12. ''भारतेन्दु ने जिस प्रकार हिन्दी गद्य की भाषा का परिष्कार किया, उसी प्रकार काव्य की ब्रजभाषा का भी।'' ౼इस पंक्ति के लेखक हैं :
(1) रामचन्द्र शुक्ल (2) रामकुमार वर्मा (3) शिवदानसिंह चौहान (4) रामविलास शर्मा
13. खड़ीबोली का प्रथम महाकाव्य है :
(1) साकेत (2) प्रियप्रवास (3) कामायनी (4) लोकायतन
14. कामाध्यात्म की समस्या निम्नलिखित में से किसमें उठाई गयी है :
(1) आत्मजयी (2) संशय की एक रात (3) उर्वशी (4) कनुप्रिया
15. क्षत्रिय उठो अब तो कुयश की कालिमा को मेट दो।
निज देश को जीवन सहित तन मन और धन भेंट दो।
वैश्यो सुनो व्यापार सारा मिट चुका है देश का।
सब धन विदेशी हर रहे हैं पार है क्या क्लेश का।
उपर्युक्त काव्य-पंक्तियों के रचनाकार हैं
(1) भारतेन्दु (2) मैथिलीशरण गुप्त (3) प्रतापनारायण मिश्र (4) दिनकर
16. ''हमें प्रयोगवादी कहना उतना ही सार्थक या निर्थक है जितना हमें कवितावादी कहना ''౼ उक्त कथन किसका है
(1) अज्ञेय (2) मुक्तिबोध (3) लक्ष्मीकान्त वर्मा (4) कुंवरनाराण
17. ''आधुनिक नारी अब अपनी पूरी गरिमा देह-संपदा और वास्तविक सम्मान के साथ आई है। औरतें सब औरतें हैं, वे झूठी सती या वेश्याएं नहीं हैं, इसलिए नयी कहानी खलनायिकाओं से शून्य है ।'' नयी कहानी के संबंध में उपर्युक्त कथन किसका है
(1) कमलेश्वर (2) राजेन्द्र यादव (3) मोहन राकेश (4) निर्मल वर्मा
18. सिख अमलदारी को उखाड़ती हुई ब्रिटिश साम्राज्यशाही का चित्रण किस उपन्यास में हुआ है :
(1) बसन्ती (2) मय्यादास की माड़ी (3) कुन्ती (4) समय सरगम
19. 'भारतीय काव्यशास्त्र का नवनिर्माण' शीर्षक निबंध के लेखक हैं :
(1) नन्ददुलारे वाजपेयी (2) रामविलास शर्मा (3) हज़ारीप्रसाद द्विदेदी (4) रामचन्द्र शुक्ल
20. 'साहित्यकार की आस्था और अन्य निबंध' ग्रंथ के रचनाकार हैं :
(1) जयशंकर प्रसाद (2) अज्ञेय (3) ह़ज़ारीप्रसाद द्विदेदी (4) महादेवी वर्मा
उत्तर : (4) महादेवी वर्मा
21. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना जीवनी नहीं है
(1) क़लम का मज़दूर (2) क़लम का सिपाही (3) मेरी पत्नी और भेड़िया (4) प्रेमचन्द घर में
उत्तर : (3) मेरी पत्नी और भेड़िया
22. फणीश्वरनाथ रेणु के किस उपन्यास में पूर्वी पाकिस्तान से बिस्थापित होकर ब्हार के पूर्णिया ज़िले में आए हिन्दू शर्णार्थियों की दारुण कथा का चित्रण है
(1) मैला आंचल (2) जुलूस (3) परती परिकथा (4) कलंक मुक्ति
23. 'अतएव दो बालुकापूर्ण कगारों के बीच में निर्मल स्रोतस्विनी का रहना आवश्यक है ।'౼ यह संवाद चन्द्र गुप्त नाटक के किस पात्र का है :
(1) चन्द्रगुप्त (2) चाणक्य (3) सिल्यूकस (4) राक्षस
24. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रश्न सुरेन्द्र वर्मा के किस नाटक में आया है
(1) सूर्य की अन्तिम किरण से सूर्य की पहली किरण तक (2) आठवां सर्ग
(3) नायक खलनायक विदूषक (4) शकुन्तला की अंगूठी
25. रससूत्र 'विभावानुभावव्यभिचीरिसंयोगाद्रसनिष्पत्तः' किस ग्रंथ में आया है
(1) साहित्यदर्पण (2) नाट्यशास्त्र (3) रसगंगाधर (4) दशरूपक
26. जहाँ बिना कारण के ही काम की सम्भावना व्यक्त की गई हो, वहाँ कौन-सा अलंकार होता है ?
(1) विभावना (2) निदर्शना (3) असंगति (4) अर्थान्तरन्यास
27. निम्नलिखित में से कौन-सा रस का अवयव हीं है?
(1) भाव (2) विभाव (3) अनुभाव (4) संचारीभाव
28. निम्नलिखित में से कौन-सा काव्य गुण नहीं है?
(1) श्लेष (2) माधुर्य (3) शक्ति (4) समाधि
29. ''काव्य की पूर्ण अनुभूति के लिए कल्पना का व्यापार कवि और श्रोता दोनों के लिए अनिवार्य है।''
उक्त कथन किस आचार्य का है ?
(1) रामचन्द्र शुक्ल (2) नगेन्द्र (3) नन्ददुलारे वाजपेयी (4) हज़ारीप्रसाद द्विवेदी
30. अरस्तू द्वारा रचित पोएटिक्स (On Poetics) नामक ग्रंथ में कितने अध्याय हैं ?
(1) 26 अध्याय (2) 25 अध्याय (3) 24 अध्याय (4) 23 अध्याय
31. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन मार्क्सवादी सिद्धान्त के अनुकूल नहीं है?
(1) मार्क्सवादी दर्शन का अनिवार्य घटक है द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद।
(2) मनुष्य के समस्त सामाजिक संबंध उसके उत्पान संबंधों पर आधारित होते हैं ।
(3) समाजवाद तथा साम्यवाद में आर्थिक तथा सामाजिक परिपक्वता में अन्तर होता है।
(4) साम्यवादी व्यवस्था में भी राज्य तथा समस्त राजनीतिक और क़ानूनी ढाँचे बने रहेंगे।
32. निम्नलिखित में से किसका संबंध उत्तर आधुनिकता से नहीं है ?
(1) जॉक देरिदा (2) डेनियल बेल (3) रोलां बर्थ (4) रेमंड विलियम्स
33. पीर भरो जिया धीर धरै नहिं
कैसे रहे जल जाल के बांधे ?
उपर्युक्त काव्य-पंक्तियों में स्त्री की किस मनःस्थिति का संकेत किया गया है
(1) दुखातिरेक (2) दुख का कम होना (3) पीड़ा में आनन्द की अनुभूति (4) पीड़ा में मुक्ति का उपक्रम
34. तुलसीदास ने रामचरितमानस के किस काण्ड में कलियुग का वर्णन किया है
(1) बालकाण्ड (2) अयोध्याकाण्ड (3) अरण्यकाण्ड (4) उत्तरकाण्ड
35. स्नेह निर्झर बह गया है
रेत ज्यों तन रह गया है।
౼उपर्युक्त गीत किस कवि का है ?
(1) प्रसाद (2) निराला (3) नरेन्द्र शर्मा (4) रामकुमार वर्मा
36. 'आत्मजयी' की कथावस्तु निम्नलिखित में से किस पर आघारित है
(1) छान्दोग्योपनिषद (2) कठोपनिशद (3) केनोपनिषद (4) वृहदारण्यकोपनिषद
37. 'सूनी घाटी का सूरज' उपन्यास के लेखक हैं
(1) श्रीलाल शुक्ल (2) नरेश मेहता (3) हिमांशु श्रीवास्तव (4) शैलेश मटियानी
38. 'काम और राम' का द्वन्द्व किस उपन्यास में चित्रित है
(1) मानस का हंस (2) चित्रलेखा (3) खंजन नयन (4) नाच्यौ बहुत गोपाल
39. ''कि मैं इस घर से ही कुछ ऐसी चीज़ लेकर गयी हूं जो किसी भी स्थिति में मुझे स्वाभाविक नहीं रहने देती।''
౼'आधे अधूरे' नाटक के प्रस्तुत संवाद का संबंध किस पात्र से है ?
(1) बड़ी लड़की (2) छोटी लड़की (2) स्त्री (4) लड़का
40. 'कारवां' किसका एकांकी संग्रह है ?
(1) उपेन्द्रनाथ अश्क (2) विष्णु प्रभाकर (3) रामकुमार वर्मा (4) भुवनेश्वर
41. रचनाकाल के अनुसार निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम है :
(1) राउलवेल, कुवलयमाला कथा, वर्णरत्नाकर, उक्तिव्यक्ति प्रकरण
(2) उक्तिव्यक्ति प्रकरण, वर्णरत्नाकर, कुवलयमाला कथा, राउलवेल
(3) कुवलयमाला कथा, राउलवेल, उक्तिव्यक्ति प्रकरण, वर्णरत्नाकर
(4) वर्णरत्नाकर, उक्तिव्यक्ति प्रकरण, राउलवेल, कुवलयमाला कथा
42. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित काव्यकृतियों का सही अनुक्रम है :
(1) हंस जवाहिर, पुहुपावती, यूसुफ़-ज़ुलेखा, अनुराग बांसुरी
(2) पुहुपावती, हंस जवाहिर, यूसुफ़-ज़ुलेखा, अनुराग बांसुरी
(3) पुहुपावती, हंस जवाहिर, अनुराग बांसुरी, यूसुफ़-ज़ुलेखा
(4) अनुराग बांसुरी, हंसजवाहिर, पुहुपावती, यूसुफ़-ज़ुलेखा
43. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित काव्यकृतियों का सही अनुक्रम है :
(1) कीर्तिलता, भक्तमाल , छिताईवार्ता , चित्रावली
(2) भक्तमाल, छिताईवार्ता, कीर्तिलता, चित्रावली
(3) चित्रावली, कीर्तिलता, भक्तमाल, छिताईवार्ता
(4) छिताईवार्ता, कीर्तिलता. भक्तमाल, चित्रावली
44. प्रकाशन वर्ष के अनुसार अज्ञेय की निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम है :
(1) इत्यलम, आंगन के पार द्वार, हरी घास पर क्षण भर, कितने नाव में कितनी बार
(2) हरी घास पर क्षण भर, इत्यलम, आंगन के पार द्वार, कितने नाव में कितनी बार
(3) इत्यलम, हरी घास पर क्षण भर, आंगन के पार द्वार, कितने नाव में कितनी बार
(4) हरी घास पर क्षण भर, आंगन के पार द्वार, कितने नाव में कितनी बार, इत्यलम
45. प्रकाशन वर्ष के अनुसार महादेवी वर्मा की निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम है :
(1) श्रान्तपथिक, प्रेममाधुरी, मिलन, प्रियप्रवास
(2) प्रेममाधुरी, श्रान्तपथिक, मिलन, प्रियप्रवास
(3) प्रियप्रवास, श्रान्तपथिक, प्रेममाधुरी, मिलन
(4) प्रेममाधुरी, श्रान्तपथिक, प्रियप्रवास, मिलन
46. प्रकाशन वर्ष के अनुसार महादेवी वर्मा की निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम है :
(1) नीहार, दीपशिखा, नीरजा, रश्मि
(2) दीपशिखा, नीहार, रश्मि, नीरजा
(3) नीरजा, नीहार, रश्मि, दीपशिखा
(4) नीहार, रश्मि, नीरजा, दीपशिखा
47. जन्मकाल के अनुसार निम्नलिखित रचनाकारों का सही अनुक्रम है :
(1) शमशेर बहादुर सिंह, भवानीप्रसाद मिश्र, मुक्तिबोध, भारतभूषण अग्रवाल
(2) भवानीप्रसाद मिश्र, शमशेर बहादुर सिंह, भारतभूषण अग्रवाल, मुक्तिबोध
(3) भवानीप्रसाद मिश्र, शमशेर बहादुर सिंह, मुक्तिबोध, भारतभूषण अग्रवाल
(4) शमशेर बहादुर सिंह, भवानीप्रसाद मिश्र, भारतभूषण अग्रवाल, मुक्तिबोध
48. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित उपन्यासों का सही अनुक्रम है :
(1) कठगुलाब, शाल्मली, आपका बंटी, चितकोबरा
(2) आपका बंटी, चितकोबरा, शाल्मली, कठगुलाब
(3) चितकोबरा, आपका बंटी, कठगुलाब, शाल्मली
(4) शाल्मली, कठगुलाब, चितकोबरा, आपका बंटी
49. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित कहानियों का सही अनुक्रम है :
(1) क्रिकेट मैच, कफ़न, बड़े भाई साहब, दो बैलों की कथा
(2) कफ़न, बड़े भाई साहब, क्रिकेट मैच, दो बैलों की कथा
(3) दो बैलों की कथा, बड़े भाई साहब, कफ़न, क्रिकेट मैच
(4) बड़े भाई साहब, दो बैलों की कथा, क्रिकेट मैच, कफ़न
50. रचनाकाल के अनुसार निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम है :
(1) एक और द्रोणाचार्य, मादा कैक्टस72, पिंहासन ख़ाली है, द्रौपदी
(2) द्रौपदी, सिंहासन ख़ाली है, मादा कैक्टस, एक और द्रोणाचार्य
(3) सिंहासन ख़ाली है, द्रौपदी. एक और द्रोणाचार्य, मादा कैक्टस
(4) मादा कैक्टस, द्रौपदी, सिंहासन ख़ाली है, एक और द्रोणाचार्य
51. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित आलोचना-ग्रंथों का सही अनुक्रम है :
(1) वाद विवाद संवाद, साहित्य और इतिहास दृष्टि, कामायनी एक पुनर्विचार, प्रेमचन्द और उनका युग
(2) कामायनी एक पुनर्विचार, प्रेमचन्द और उनका युग, वाद विवाद संवाद, साहित्य और इतिहास दृष्टि
(3) प्रेमचन्द और उनका युग, कामायनी एक पुनर्विचार, साहित्य और इतिहास दृष्टि, वाद विवाद संवाद
(4) साहित्य और इतिहास दृष्टि, वाद विवाद संवाद, प्रेमचन्द और उनका युग, कामायनी एक पुनर्विचार
52. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित आत्मकथाओं का सही अनुक्रम है :
(1) और-और औरत, एक कहानी यह भी, हादसे, कस्तूरी कुण्डल बसै
(2) हादसे, और-और औरत, कस्तूरी कुण्डल बसै, एक कहानी यह भी
(3) कस्तूरी कुण्डल बसै, हादसे, एक कहानी यह भी, और-और औरत
(4) एक कहानी यह भी, कस्तूरी कुण्डल बसै, और-और औरत, हादसे
53. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम है :
(1) आधे-अधूरे, अंधायुग, स्कन्दगुपप्त, भारत जननी
(2) स्कन्दगुपप्त, अंधायुग, भारत जननी, आधे-अधूरे
(3) भारत जननी, स्कन्दगुपप्त, अंधायुग, आधे-अधूरे
(4) आधे-अधूरे, भारत जननी, अंधायुग, स्कन्दगुपप्त
54. निम्नलिखित काव्यशास्त्रीय ग्रंथों का कालक्रमानुसार सही अनुक्रम है :
(1) साहित्यदर्पण, वक्रोक्ति जीवितम्, ध्वन्यालोक, कविकण्ठभरण
(2) कविकण्ठभरण, ध्वन्यालोक, साहित्यदर्पण, वक्रोक्ति जीवितम्
(3) वक्रोक्ति जीवितम्, कविकण्ठभरण, साहित्यदर्पण, ध्वन्यालोक
(4) ध्वन्यालोक, वक्रोक्ति जीवितम्, कविकण्ठभरण, साहित्यदर्पण
55. निम्नलिखित मार्क्सवादी चिन्तकों का कालक्रमानुसार सही अनुक्रम है :
(1) कार्ल मार्क्स, फ्रेडरिक एंगेल्स, ब्लादीमीर इलिच लेनिन, माओ-त्से-तुंग
(2) फ्रेडरिक एंगेल्स, कार्ल मार्क्स, माओ-त्से-तुंग, ब्लादीमीर इलिच लेनिन
(3) ब्लादीमीर इलिच लेनिन, कार्ल मार्क्स, फ्रेडरिक एंगेल्स, माओ-त्से-तुंग
(4) माओ-त्से-तुंग, कार्ल मार्क्स, फ्रेडरिक एंगेल्स, ब्लादीमीर इलिच लेनिन
प्रश्न संख्या 56 से 65 तक के प्रश्नों में दो कथन दिए गए हैं । इनमें से एक स्थापना (Assertion) (A) है और दूसरा तर्क (Reasson) (R) है। कोड में दिए गये विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए ।
56. स्थापना (Assertion) (A) : काव्य हृदय का परम उत्थान है और विज्ञान मस्तिष्क का चरम उत्कर्ष है।
तर्क (Reasson) (R) : क्योंकि विज्ञान हृदय को शान्ति तो नहीं दे पाता लेकिन काव्य का उत्कर्ष जीवन की सभी बढ़ती हुई आवश्यकताओं की पूर्ति करता है ।
कोड :
(1) (A) ग़लत (R) ग़लत (2) (A) ग़लत (R) सही (3) (A) सही (R) सही (4) (A) सही (R) ग़लत
57. स्थापना (Assertion) (A) : लोक आख्यान की निर्मिति सामूपिक अचेतन की प्रक्रिया है।
तर्क (Reasson) (R) : क्योंकि लोक में इसके निर्माण की प्रक्रिया अनवरत चलती रहती है।
कोड :
(1) (A) सही (R) ग़लत (2) (A) सही (R) सही (3) (A) ग़लत (R) ग़लत (4) (A) ग़लत (R) सही
58. स्थापना (Assertion) (A) : जयशंकर प्रसाद के नाटकों में रस और द्वन्द्व का समन्वय है।
तर्क (Reasson) (R) : क्योंकि उनके नाटकों की संरचना पश्चिमी और आत्मा भारतीय है।
कोड :
(1) (A) ग़लत (R) सही (2) (A) ग़लत (R) ग़लत (3) (A) सही (R) सही (4) (A) सही (R) ग़लत
59. स्थापना (Assertion) (A) : कलाकार सत्य को सुन्दर बनाकर शिवत्व की उपलब्धी करता है।
तर्क (Reasson) (R) : इसीलिए सृजन व्यापार कलाकार का आत्मकल्याण है, लोकमंगल नहीं ।
कोड :
(1) (A) ग़लत (R) सही (2) (A) ग़लत (R) ग़लत (3) (A) सही (R) ग़लत (4) (A) सही (R) सही
60. स्थापना (Assertion) (A) : भूमंडलीकरण विश्व की पूंजीवादी सांस्कृतिक व्यवस्था है, वसुधैव कुटुम्बकम नहीं।
तर्क (Reasson) (R) : क्योंकि पूंजीवादी व्यवस्था ने स्थानीय संस्कृति को पूर्णतः नष्ट कर दिया है और अब पूरा विश्व ही एक परिवार है।
कोड :
(1) (A) ग़लत (R) सही (2) (A) सही (R) ग़लत (3) (A) सही (R) सही (4) (A) ग़लत (R) ग़लत
61. स्थापना (Assertion) (A) : पश्चिम के नए ज्ञानोदय ने वहुस्तरीय वर्चस्ववाद का निषेध किया।
तर्क (Reasson) (R) : इसी कारण साहित्यिक चेतना में न केवल विखण्डन समाप्त हुआ, एकीकरण को बढ़ावा मिला ।
कोड :
(1) (A) सही (R) सही (2) (A) सही (R) ग़लत (3) (A) ग़लत (R) सही (4) (A) ग़लत (R) ग़लत
62. स्थापना (Assertion) (A) : सांस्कृतिक एकरूपता साहित्य के लोकतंत्र में अनिवार्य है।
तर्क (Reasson) (R) : क्योंकि बहुलतावाद साहित्यिक संवेदना को खण्डित करता है ।
कोड :
(1) (A) सही (R) सही (2) (A) सही (R) ग़लत (3) (A) ग़लत (R) ग़लत (4) (A) ग़लत (R) सही
63. स्थापना (Assertion) (A) : हिन्दी अभिव्क्ति की एक सम्पूर्ण और सशक्त सर्वसमावेशी बहुलतावादी सांस्कृतिक इकाई है।
तर्क (Reasson) (R) : क्योंकि भारत के एक बड़े भूभाग की बोलियों का समूह इसकी शक्तियों को बढ़ाता है।
कोड :
(1) (A) सही (R) ग़लत (2) (A) ग़लत (R) सही (3) (A) ग़लत (R) ग़लत (4) (A) सही (R) सही
64. स्थापना (Assertion) (A) : जैसे वीरकर्म से पृथक् वीरत्व कोई पदार्थ नहीं, वैसे ही सुन्दर वस्तु से पृथक् सौन्जर्य कोई पदार्थ नहीं।
तर्क (Reasson) (R) : क्योंकि सोन्दर्य बाहर की कोई वस्तु नहीं है, मन के भीतर की वस्तु है । जो भीतर है, वही बाहर है।
कोड :
(1) (A) ग़लत (R) ग़लत (2) (A) ग़लत (R) सही (3) (A) सही (R) सही (4) (A) सही (R) ग़लत
65. स्थापना (Assertion) (A) : मनुष्य की श्रेष्ठ साधनाएँ ही संस्कृति है।
तर्क (Reasson) (R) : क्योंकि इन्हीं साधनाओं के माध्यम से मनुष्य अविरोधी सत्य तक पहुँच सका है। संस्कृति इसी अविरोधी सत्य का पर्याय है।
कोड :
(1) (A) सही (R) सही (2) (A) सही (R) ग़लत (3) (A) ग़लत (R) ग़लत (4) (A) ग़लत (R) सही
66. निम्नलिखित पात्रों को उनके ग्रंथों के साथ सुमेलित कीजिए
सूची-1 सूची-2
(A) राघवचेतन (I) सूरसागर
(B) श्रीदामा (II) रामचरितमानस
(C) शबरी (III) पद्मावत
(D) चन्दा (IV) चित्रावली (V) चन्दायन
कोड :
(a) (b) (c) (d)
(1) (i) (ii) (iii) (iv)
(2) (ii) (iii) (iv) (v)
(3) (iv) (v) (ii) (i)
(4) (iii) (i) (ii) (v)
67. निम्नलिखित ग्रंथों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए
सूची-1 सूची-2
(A) वैराग्य संदीपनी (I) नूर मुहम्मद
(B) विरह मंजरी (II) तुलसीदास
(C) इन्द्रावती (III) नन्ददास
(D) वीरसिंह देवचरित (IV) हितहरिवंश (V) केशवदास
कोड :
(a) (b) (c) (d)
(1) (ii) (iii) (i) (v)
(2) (iii) (ii) (iv) (i)
(3) (v) (iv) (ii) (i)
(4) (iii) (ii) (v) (i)
68. निम्नलिखित ग्रंथों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए
सूची-1 सूची-2
(A) मधुमालती (I) मंझन
(B) रासपंचाध्यायी (II) रसखान
(C) भक्ति प्रताप (III) चतुर्भुजदास
(D) प्रेमवाटिका (IV) नन्ददास (IV) ध्रुवदास
कोड
(a) (b) (c) (d)
(1) (i) (iv) (iii) (ii)
(2) (ii) (iii) (iv) (v)
(3) (iv) (i) (iii) (ii)
(4) (iii) (ii) (v) (i)
69. निम्नलिखित रचनाओं को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) मिलन यामिनी (I) रघुवीर सहाय
(B) दिल्ली (II) शमशेर बहादुरसिंह
(C) सागर मुद्रा (III) अज्ञेय
(D) इतने पास अपने (IV) दिनकर (V) बच्चन
कोड
(a) (b) (c) (d)
(1) (ii) (iii) (iv) (i)
(2) (iii) (ii) (v) (iv)
(3) (iv) (v) (iii) (ii)
(4) (v) (iv) (iii) (ii)

70. निम्नलिखित पात्रों को उनके उपन्यासों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) लाला मदनमोहन (I) भाग्यवती
(B) नाहरसिंह (II) वामा शिक्षक
(C) लाला भगवानदास (III) परीक्षागुरु
(D) वासुदेव शास्त्री (IV) रहस्यकथा (IV) नूतन ब्हमचारी
कोड :
(a) (b) (c) (d)
(1) (iii) (v) (ii) (i)
(2) (i) (ii) (iii) (iv)
(3) (ii) (iii) (iv) (v)
(4) (iv) (v) (i) (ii)
71. निम्नलिखित नाटककारों को उनके नाटकों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) विष्णु प्रभाकर (I) कथा एक कंस की
(B) जगदीशचन्द्र माथुर (II) चन्द्रमुख
(C) लक्ष्मीनारायण लाल (III) युगे-यगे क्रान्ति
(D) भीष्म साहनी (IV) दशरथनन्दन (V) रंग दे वसन्ती
कोड
(a) (b) (c) (d)
(1) (i) (ii (iii) (iv)
(2) (iv) (iii) (v) (i)
(3) (iii) (iv) (ii) (v)
(4) (ii) (i) (iv) (iii)

72. निम्नलिखित आचार्यों को उनके द्वारा लिखित ग्रंथों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) दण्डी (I) रसगंगाधर
(B) उदभट (II) काव्यालंकारसार संग्रह
(C) मम्मट (III) काव्यादर्श
(D) पंडितराज जगन्नाथ (IV) काव्यप्रकाश (IV) अलंकार सरवस्द
कोड
(a) (b) (c) (d)
(1) (i) (iv) (v) (ii)
(2) (iii) (ii) (iv) (i)
(3) (iv) (v) (ii) (i)
(4) (v) (i) (iii) (ii)

73. निम्नलिखित सिद्धन्तकारों को उनकी कृतियों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) सास्युर दे फर्डीनांड (I) लिटरेचर एंड रियलिटी
(B) जॉर्ज लुकाच (II) टेंषन घल पोयट्री
(C) एलेन टेट (III) स्टडीज़ इन यूरोपियन रियलिज़्म
(D) हावर्ड फास्ट (IV) कोर्स इन जनरल लिंग्विस्टिक्स (IV) मार्कसिज़्म एंड पोयट्री
कोड
(a) (b) (c) (d)
(1) (i) (iii) (iv) (v)
(2) (v) (ii) (iv) (i)
(3) (iv) (iii) (ii) (i)
(4) (ii) (i) (iii) (iv)

74. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों को उनके रचयिता कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) तू है गगन विस्तीर्ण तो मैं एक तारा क्षुद्र हूँ (I) मैथिलीशरण गुप्त
(B) निकल रही है उर से आह, ताक रहे सब मेरी राह (II) गयाप्रसाद शुक्ल सनेही
(C) अब जल उठा स्नेह दीपक-सा, नवनीत हृदय था मेरा
अब शेष धूमरेखा से, चित्रित कर रहा अंधेरा (III) जयशंकर प्रसाद
(D) अरुण अधरों की पल्लव प्रात, मोतियों-सा हिलता हिम हास (IV) सुमित्रानन्दन पन्त (IV) महादेवी वर्मा
कोड :
(a) (b) (c) (d)
(1) (ii) (i) (iii) (iv)
(2) (i) (iii) (ii) (v)
(3) (iii) (iv) (v) (i)
(4) (v) (i) (ii) (iii)
75. 'चन्द्रगुप्त' नाटक के निम्नलिखित पात्रों को उनके संवादों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) चन्द्रगुप्त (I) भूमा का सुख और उसकी महत्ता का जिसको आभास मात्र हो जाता है, उसको ये नश्वर चमकीले प्रदर्शन नहीं अभिभूत कर सकते।
(B) दाण्डायन (II) संसार भर की नीति और शिक्षा का अर्थ मैंने यही समझा है कि आत्मसम्मान के लिए मर-मिटना ही दिव्य जीवन है।
(C) कार्नेलिया (III) भाषा ठीक करने से पहले मैं मनुष्यों को ठीक करना चाहता हूँ ।
(D) चाणक्य (IV) मुझे इस देश से जन्मभूमि के समान स्नेह होता जा रहा है। (V) मैंने अलौकिक वीरता का स्वर्गीय दृश्य देखा है।
कोड :
(a) (b) (c) (d)
(1) (iv) (iii) (i) (v)
(2) (ii) (i) (iv) (iii)
(3) (v) (iv) (iii) (ii)
(4) (i) (ii) (v) (iv)

Answer Keys, Hindi-3, CBSE/UGCNET/JRF, November 2017
Hindi sahitya vimarsh
Contact : 9717324769
Unofficial Keys
उत्तर : 1. (3), 2. (1), 3. (2), 4. (4) ??, 5. (3), 6. (3), 7. (1), 8. (1,3) ??, 9. (3), 10. (2), 11. (1), 12. (4), 13. (2), 14. (3), 15. (2) 16. (1), 17. (1) 18. (2) 19. (2) ??, 20. (4), 21. (3), 22. (2), 23. (2), 24. (2), 25. (2), 26. (1), 27. (1), 28. (3), 29. (1), 30. (1), 31. (4), 32. (4), 33. (1), 34. (4), 35. (2), 36. (2), 37. (1), 38. (1, 2), 39. (1), 40. (4), 41. (3), 42. (2), 43. (1), 44. (3), 45. (4), 46. (4), 47. (1), 48. (2), 49. (3), 50. (4), 51. (3), 52. (3), 53. (3), 54. (4), 55. (1), 56. (4), 57. (2), 58. (3), 59. (3), 60. (2), 61. (4), 62. (1), 63. (4), 64. (3), 65. (1), 66. (4), 67. (1), 68. (1), 69. (4), 70. (1), 71. (3), 72. (2), 73. (2), 74. (1), 75. (2)

गुरुवार, 16 नवंबर 2017

QUESTION PAPER & ANSWER KEYS (Hindi-2) CBSE/UGCNET/JRF/ NOVEMBER 2017

QUESTION PAPER & ANSWER KEYS (Hindi-2)
CBSE/UGCNET/JRF/ NOVEMBER 2017

HINDI SAHITYA VIMARSH
मुहम्मद इलियास हुसैन
CONTACT : 9717324769

निर्देश : इस प्रश्नपत्र में पचास (50) बहु-विकल्पीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के
दो (2) अंक हैं। सभी प्रश्न अनिवयार्य हैं।

1. निम्नलिखित में से किस भाषा का विकास शौरसेनी अपभ्रंश से हुआ है :
(A) गुजराती (B) पंजाबी (C) मराठी (D) सिन्धी

2. 'शिवसिंह सरोज' का प्रकाशन कब हुआ ?
(A) 1862 ई. (B) 1870 ई, (C) 1883 ई (D) 1888 ई

3. आदिकालीन काव्यग्रंथों में कथा कहने की परम्परा को लक्ष्य करके पृथ्वीराज रासो के संदर्भ में किस समीक्षक ने लिखा है, ''कथा की परीक्षा इतिहास की दृष्टि से नहीं, काव्य की दृष्टि से होनी चाहिए । पुरानी कथाएँ काव्य ही अधिक हैं, इतिहास वे एकदम नहीं हैं।''
(A) मुनि जिनविजय (B) राहुल सांकृत्यायन
(C) हज़ारी प्रसाद द्विदेदी (D) विश्वनाथप्रसाद मिश्र

4. आचार्य हज़ारी प्रसाद द्विदेदी के अनुसार चौदहवीं-पन्द्रहवीं शताब्दी के हिन्दू-मुसलमानों, सामन्तों, शहरों, सेना के सिपाहियों और लड़ाइयों का जीवन्त और यथार्थ चित्रण किस कृति में हुआ ?
(A) हम्मीर काव्य (B) कीर्तिकौमुदी (C) कीर्तिपताका (D) कीर्तिलता

5. ‘सगुनहि अगुनहि नहिं कछु भेदा’౼ इस तथ्य को तुलसीदास ने किसके द्वारा कहलवाया है ?
(A) शिव (B) काग भुसुंडि (C) भरद्वाज (D) तुलसीदास की स्वयं की उक्ति

6. वल्लभाचार्य की मृत्यु के बाद किसने कहा था, “पुष्टि मार्ग को जहाज़ जात है, सो जाकौ कछु लेना हो सो लेव।”
(A) सूरदास (B) नंददास (C) छीत स्वामी (D) विट्ठलनाथ

7. सूरसागर में जगह-जगह दृष्टिकूट वाले पद मिलते हैं। यह भी विद्यापति का अनुकरण है।౼सूरदास से संबंधित उक्त विचार किस आलोचक का है?
(A) हज़ारी प्रसाद द्विवेदी (B) बृजेश्वर वर्मा (C) रामचन्द्र शुक्ल (D) हरवंशलाल शर्मा

8. हय रथ पालकी गयंद गृह ग्राम चारु आखर लगाय लेत लाखन के सामा हौं।
यह उक्ति किस कवि की है?
(A) मतिराम (B) देव (C) कुलपति मिश्र (D) पद्माकर

9. ‘सावन आवन हेरि सखी, मनभावन आवन चोप विसेखी।
छाए कहूँ घन आनन्दजान सम्हारि के ठौर लै भूलनी लेखी।।
बून्दें लगैं सब अंग दगैं उलटी गति आपने पापनि पेखी।
पौन सों जागति आगि सुनी हीपैं पानि तें लागति आँखिन देखी।।’
౼इस सवैया में विरहिणी नायिका की किस मनःस्थिति का चित्रण किया गया है?
(A) पुलक (B) मार्मिक स्थिति (C) रोमांच (D) संकोच

10. ‘प्रिय की सुधि-सी ये सरिताएँ, ये कानन कांतार सुसज्जित।
मैं तो नहीं, किन्तु है मेरा हृदय किसी प्रीतम से परिचित।
जिसके प्रेमपत्र आते हैं प्रायः सुख-संवाद-सन्निहित।
उपर्युक्त काव्य-पंक्तियां किस कवि की हैं :
(A) हरिऔध (B) रामनरेश त्रिपाठी
(C) मैथिलीशऱण गुप्त (D) लाला भगवान दीन

11. 'नाटक जारी है' काव्य-संग्रह के रचयिता हैं :
(A) श्रीकान्त वर्मा (B) चन्द्रकान्त देवताले
(C) धूमिल (D) लीलीधर जगूड़ी

12. निम्नलिखित में से 'आग और राग' का कवि किसे कहा जाता है :
(A) दिनकर (B) निराला (C) पन्त (D) प्रसाद

13. 'विश्वनाथ प्रसाद' किस उपन्यास का पात्र है ?
(A) दीर्घतपा (B) कितने चौराहे (C) मैला आंचल (D) परती परीकथा

14. बाल, वयःसंधि और किशोर मन का मनोवैज्ञानिक अंकन किस उपन्यास में हुआ है ?
(A) जयवर्धन (B) शेखर : एक जीवनी (C) संन्यासी (D) संघर्ष

15. ‘अ-कहानी’ के प्रमुख प्रवक्ता हैं :
(A) गंगा प्रसाद विमल (B) महीप सिंह (C) मधुकर सिंह (D) शिवप्रसाद सिंह

16. निम्नलिखित में से कौन-सा नाटक प्रेमचन्द का है ?
(A) जय-पराजय (B) रुपया तुम्हें खा गया (C) कृष्णार्जुन युद्ध (D) कर्वला

17. हज़ारीप्रसाद द्विवेदी द्वारा रचित निबन्ध संग्रह नहीं है ?
(A) नाथ सम्प्रदाय (B) प्रबन्ध रत्नाकर
(C) साहित्य का मर्म (D) लालित्य मीमांसा

18. 'प्रगतिवाद' शीर्षक पुस्तक के लेखक हैं౼
(A) रामविलास शर्मा (B) रांगेय राघव
(C) शिवकुमार मिश्र (D) शिवदानसिंह चौहान

19. ''त्रितयमिदं व्याप्रियते शक्तिर्व्युत्पत्तिः'' ౼यह कथन किसका है?
(A) भामह (B) रुद्रट (C) मम्मट (D) जयदेव

20. निम्नलिखित में से कोन-सा वक्रोक्ति भेद नहीं है ?
(A) उक्ति विन्यास वक्रता (B) वर्ण विन्यास वक्रता
(C) पद पूर्वार्ध वक्रता (D) प्रकरण वक्रता

21. जन्मकाल की दृष्टि से निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम है ::
(1) नानक, कबीर, सुन्दरदास, दादू
(2) कबीर, नानक, दादू, सुन्दरदास
(3) कबीर, दादू, नानक, सुन्दरदास
(4) नानक, सुन्दरदास, कबीर, दादू

22. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम है :
(1) शिवराजभूषण, ललितललाम. पद्माभरण, नवरसतरंग
(2) नवरसतरंग, शिवराजभूषण, ललितललाम. पद्माभरण
(3) पद्माभरण, शिवराजभूषण, ललितललाम. नवरसतरंग
(4) ललितललाम, शिवराजभूषण,. पद्माभरण, नवरसतरंग

23. जन्मकाल की दृष्टि से निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम है ::
(1) मैथिलीशरण गुप्त, श्रीधर पाठक, रामनरेश त्रिपाठी, निराला
(2) श्रीधर पाठक, रामनरेश त्रिपाठी, मैथिलीशरण गुप्त, निराला
(3) रामनरेश त्रिपाठी, श्रीधर पाठक, निराला, मैथिलीशरण गुप्त
(4) श्रीधर पाठक, मैथिलीशरण गुप्त, रामनरेश त्रिपाठी, निराला

24. जन्मकाल की दृष्टि से निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम है ::
(1) बच्चन, अज्ञेय, रघुवीर सहाय, मुक्तिबोध
(2) बच्चन, अज्ञेय, मुक्तिबोध, रघुवीर सहाय
(3) अज्ञेय, बच्चन, मुक्तिबोध, रघुवीर सहाय
(4) अज्ञेय, बच्चन, रघुवीर सहाय, मुक्तिबोध

25. प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से निम्नलिखित आत्मकथाओं का सही अनुक्रम है :
(1) नीड़ का मिर्माण फिर, जूठन, शिकंजे का दर्द, अपनी ख़बर
(2) अपनी ख़बर, नीड़ का मिर्माण फिर, जूठन, शिकंजे का दर्द
(3) जूठन, शिकंजे का दर्द, अपनी ख़बर, नीड़ का मिर्माण फिर
(4) शिकंजे का दर्द, अपनी ख़बर, नीड़ का मिर्माण फिर, जूठन

26. प्रकाशन व्रष के अनुसार निम्नलिखित कहानी संग्रहों का सही अनुक्रम है
(1) शरणार्थी, परिन्दे, कॉमरेड का कोट, डायन
(2) डायन, कॉमरेड का कोट, परिन्दे, शरणार्थी
(3) परिन्दे, शरणार्थी, डायन, कॉमरेड का कोट
(4) कॉमरेड का कोट, डायन, शरणार्थी, परिन्दे

27. कुबेरनाथराय के निबंध संग्रहों का प्रकाशन वर्ष के अनुसार सही अनुक्रम है
(1) कामधेनु, मराल, आगम की नाव, गंधमादन
(2) गंधमादन, कामधेनु. मराल, आगम की नाव
(3) मराल, आगम की नाव, गंधमादन, कामधेनु
(4) आगम की नाव, गंधमादन, कामधेनु. मराल

28. प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से प्रसाद के नाटकों का सही अनुक्रम है :
(1) सज्जन, विशाख, जनमेजय का नागयज्ञ, ध्रुवस्वामिनी
(2) विशाख, ध्रुवस्वामिनी, सज्जन, जनमेजय का नागयज्ञ
(3) जनमेजय का नागयज्ञ, सज्जन, ध्रुवस्वामिनी, विशाख
(4) ध्रुवस्वामिनी, जनमेजय का नागयज्ञ, सज्जन, विशाख

29. रससूत्र के व्याख्याकारों का सही अनुक्रम है :
(1) भट्टनायक, भट्टलोल्लट, शंकुक, अभिनव गुप्त
(2) भट्टलोल्लट, शंकुक, अभिनव गुप्त, भट्टनायक
(3) भट्टलोल्लट, शंकुक, भट्टनायक, अभिनव गुप्त
(4) शंकुक, भट्टलोल्लट, भट्टनायक, अभिनव गुप्त

30. निम्नलिखित ग्रंथों का कालक्रमानुसार सही अनुक्रम है :
(A) आलोचना के मान, रसमीमांसा, नयी कविता, नयी कविता और अस्तित्ववाद
(B) रसमीमांसा, आलोचना के मान, नयी कविता, नयी कविता और अस्तित्ववाद
(C) रसमीमांसा, नयी कविता, आलोचना के मान, नयी कविता और अस्तित्ववाद
(D) नयी कविता और अस्तित्ववाद, नयी कविता, आलोचना के मान, रसमीमांसा

31. निम्नलिखित लेखकों को उनकी रचनाओं के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-I सूची-II
(A) विजयदेव सूरी (i) रेवन्तगिरिरास
(B) नरपति नाल्ह (ii) भरतेश्वर बाहुबली रास
(C) शालिभद्र सूरी (iii) बीसलदेव रासो
(D) आसगु (iv) चन्दनबाला रास (v) योगचर्या
कोड :
(a) (b) (c) (d)
(1) (ii) (i) (iv) (v)
(2) (i) (iii) (ii) (iv)
(3) (iv) (ii) (iii) (v)
(4) (v) (iv) (i) (iii)

32. निम्नलिखित सम्प्रदायों को उनके प्रवर्तकों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-I सूची-II
(A) श्रीसम्प्रदाय (i) मध्वाचार्य
(B) व्राह्म सम्प्रदाय (ii) विष्णुस्वामी
(C) रुद्र सम्प्रदाय (iii) रामानुजाचार्य
(D) सनकीदि सम्प्रदाय (iv) वल्लभाचार्य (v) निम्बाकाचार्य
कोड :
(a) (b) (c) (d)
(1) (i) (iii) (v) (iv)
(2) (iii) (iv) (i) (ii)
(3) (ii) (i) (iii) (iv)
(4) (iii) (i) (ii) (v)

32. निम्नलिखित ग्रंथों को उनके लेखकों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-I सूची-II
(A) साहित्य लहरी (i) रसखान
(B) प्रेम वाटिका (ii) सूरदास
(C) रसमंजरी (iii) हितहरिवंश
(D) भक्त नामावली (iv) नंददास (v) ध्रुवदास
कोड :
(a) (b) (c) (d)
(1) (ii) (i) (iv) (v)
(2) (iv) (iii) (ii) (i)
(3) (iii) (iv) (v) (ii)
(4) (ii) (v) (i) (iii)

33. निम्नलिखित प्रबन्धकाव्यों को उनकी रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-I सूची-II :
(A) चण्डीचरित्र (i) कुलपति मिश्र
(B) द्रोँणपर्व (संग्राम सार) (ii) रामसिंह
(C) सुजानचरित (iii) गोविन्द सिंह
(D) हिम्मतबहादुर विरुदावली (iv) सूदन (v) पद्माकर
कोड :
(a) (b) (c) (d)
(1) (i) (iii) (ii) (iv)
(2) (iv) (v) (i) (iii)
(3) (ii) (i) (iii) (iv)
(4) (iii) (i) (iv) (v)

34. निम्नलिखित रचनाओं को उनके रचनाकारओं के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-I सूची-II
(A) प्रेमवाटिका (i) रसखान
(B) कवित्तरत्नाकर (ii) सेनापति
(C) रसरतन (iii) पुहकर कवि
(D) तिलकशतक (iv) मुबारक (v) क़ादिर
कोड :
(a) (b) (c) (d)
(1) (ii) (iii) (i) (v)
(2) (i) (ii) (iii) (iv)
(3) (v) (i) (iv) (ii)
(d) (iv) (v) (ii) (i)
उत्तर : (2)

35. निम्नलिखित रचनाओं को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-I सूची-II
(a) वनबेला (i) रामनरेश त्रिपाठी
(b) उत्तरा (ii) निराला
(c) परिक्रमा (iii) पन्त
(d) चित्राधार (iv) महादेवी वर्मा (v) प्रसाद
कोड :
(a) (b) (c) (d)
(1) (i) (ii) (iii) (iv)
(2) (ii) (iii) (iv) (v)
(3) (iii) (v) (iv) (ii)
(d) (ii) (iv) (iii) (v)
उत्तर : (2)

36. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों को उनके कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-I सूची-II
(A) प्रिय स्वतंत्र रव अमृत मंत्र नव भारत में भर दे (i) जयशंकर प्रसाद
(B) इस प्रिये मधु है तुम हो, उस पार न जाने क्या होगा। (ii) निराला
(C) अरे कहां देखा है तुमने, मुझे प्यार करने वाले को । (iii) बच्चन
(D) यह मन्दिर का दीप, इसे नीरव जलने दो (iv) महादेवी वर्मा (v) पन्त
कूट :
a b c d
(1) (i) (ii) (iii) (iv)
(2) (iii) (iv) (v) (i)
(3) (ii) (iii) (i) (iv)
(4) (iv) (i) (ii) (iii)

37. निम्नलिखित पात्रों को उनसे सम्बद्ध उपन्यासों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-I सूची-II
(A) जयदेव पुरी (i) बलचनवा
(B) चन्द्रमाधव (ii) झूठा-सच
(C) फूल बाबू (iii) नाच्यौ बहुत गोपाल
(D) निर्गुनिया (iv) नदी के द्वीप (v) सूरज का सातवां घोड़ा
कोड :
a b c d
(1) (ii) (iv) (i) (iii)
(2) (i) (ii) (iii) (iv)
(3) (iii) (i) (ii) (v)
(4) (v) (iii) (iv) (ii)

38. निम्नलिखित पत्रों को उनसे संबंद्ध कहानियों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-I सूची-II
(A) आननन्दी (i) मंत्र
(B) दीनदयाल (ii) सवा सेर गेहूँ
(C) डॉ. जयपाल (iii) जुलूस
(D) शंकर (iv) बड़े घर की बेटी (v) मूठ
कोड :
(a) (b) (c) (d)
(1) (iv) (iii) (ii) (i)
(2) (iv) (iii) (v) (ii)
(3) (ii) (iv) (i) (v)
(4) (iii) (i) (iv) (ii)

39. निम्नलिखित रचनाओं को उनके नाट्य रूपों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-I सूची-II
(A) चन्द्रावली (i) गीति नाट्य
(B) विषस्य विषमौषधमअ (ii) एकांकी
(C) एक घूँट (iii) भाण
(D) करुणालय (iv) नाटिका (v) प्रहसन
कोड :
(a) (b) (c) (d)
(1) (iv) (iii) (ii) (i)
(2) (i) (ii) (III) (iV)
(3) (ii) (iv) (i) (v)
(4) (iii) (i) (iv) (ii)

40. निम्नलिखित आचार्यों को उनके ग्रंथों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-I सूची-II
(A) अभिनवगुप्त (i) स्रस्वतीकंठाभरण
(B) राजशेखऱ (ii) ध्वन्यालोकलोचन
(C) महिम भट्ट (iii) काव्यप्रकाश
(D) भोजराज (iv) काव्यमीमांसा (v) व्यक्तिविवेक
कोड :
a b c d
(1) (iv) (v) (i) (iii)
(2) (iii) (ii) (v) (i)
(3) (ii) (iv) (v) (i)
(4) (i) (iii) (iv) (ii)

निर्देश : 41 से 45 प्रशनों में दो कथन दिए गए हैं। इनमें से एक स्थापना (A) है और दूसरा तर्क (R) है। कोड में दिए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए।

41. स्थापना (Assertion) (A) : कविता आत्मप्रकाशन है, जो केवल कवि के हृदय को आनन्द प्रदान करती है।।
तर्क (Reason) (R) : इसीलिए कविता को कवि की आत्मा का आलोक माना गया, जो समस्त लोक को प्रकाशित करता है।
(1) (A) ग़लत (R) सही (2) (A) सही (R) ग़लत
(3) (A) सही (R) सही (4) (A) ग़लत (R) ग़लत

42. स्थापना (Assertion) (A) : साहित्य समाज के सामूहिक हृदय का विकास है।
तर्क (Reason) (R) : इसीलिए समाज में रहनेवाले विभिन्न धर्मालम्बियों की चित्तवृत्ति का इमें अलग-अलग विकास होता है।
(1) (A) सही (R) ग़लत (2) (A) सही (R) सही
(3) (A) ग़लत (R) सही (4) (A) ग़लत (R) ग़लत

43. स्थापना (Assertion) (A) : मिथक सार्वकालिक और सार्वदेशिक होते हैं।
तर्क (Reason) (R) : क्योंकि सभी देशों की जातीय अस्मिता और विकास एक जैसे हैं।
(1) (A) सही (R) सही (2) (A) ग़लत (R) ग़लत
(3) (A) सही (R) ग़लत (4) (A) सही (R) सही

44. स्थापना (Assertion) (A) : रहस्यभावना के लिए द्वैत की स्थिति भी आवश्यक है और अद्वैत का आभास भी।
तर्क (Reason) (R) : क्योंकि एक के अभाव में विरह की स्थिति असम्भव हो जाती है और दूसरे के बिना मिलन की इच्छा आधार खो देती है।
(1) (A) सही (R) सही (2) (A) सही और (R) ग़लत
(3) (A) ग़लत (R) ग़लत (4) (A) ग़लत और (R) सही

45. स्थापना (Assertion) (A) : भारतेन्दु युग आधुनिकता का प्रवेश द्वार है।
तर्क (Reason) (R) : क्योंकि भारतेन्दु युगीन साहित्य में पश्चिमी संस्कृति के संघात से शुद्ध भारतीयता का उदय हुआ।
(1) (A) सही (R) ग़लत (2) (A) ग़लत (R) ग़लत
(3) (A) सही और (R) सही (4) (A) ग़लत और (R) सही

निर्देश : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उससे सम्बन्धित प्रश्नों (46 से 50 तक) के दिए गए बहुविकलपों में से सही विलक्प का चयन कीजिए :
''फल की विशेष आसक्ति से कर्म के लाघव की वासना उत्पन्न होती है, चित्त में यही आता है कि कर्म बहुत कम या बहुत सरल करना पड़े और फल बहुत-सा मिल दाए। श्रीकृष्ण ने कर्म मार्ग से फलासक्ति की प्रबलता हटाने का बहुत ही स्पष्ट उपदेश दिया था, पर उनके समझाने पर भी भारतवासी इस वासना से ग्रस्त होकर कर्म से तो उदास हो बैठे फल के पीछे इतने पड़े कि गली में ब्राह्मण को एक पेठा देकर पुत्र की आशा करने लगे,चार आने रोज़ का अनुष्ठान कराके व्यापार से लाभ, शत्रु पर विजय, रोग से मुक्ति, धन-धान्य की वृद्धि तथा और भी न जाने क्या-क्या चाहने लगे। आसक्ति प्रस्तुत या उपस्थित वस्तु में ठीक कही जा सकती है। कर्म सामने उपस्थित रहता है। इससे आसक्ति उसी में चाहिए। फल दूर रहता है, इससे उसकी ओर कर्म का लक्ष्य काफ़ी है। जिस आनन्द से कर्म की उत्तेजना होती है और जो आनन्द कर्म करते समय बराबर चला चलता है, उसी का नाम उत्साह है।''
46. ''फल की विशेष आसक्ति के लाघव की वासना उत्पन्न होती है।'' इस कथन के माध्यम से लेखक कहना चाहता है कि
(1) कर्म करते समय फल के बारे में नहीं सोचना चाहिए।
(2) फल के बारे में अधिक आसक्ति से कर्म करने में रुचि घटती है।
(3) फल के बारे में अधिक आसक्ति से कर्म के प्रति उत्साह में इज़ाफ़ा होता है।
(4) फल के लालच में जल्दी-जल्दी कर्म करना दुर्घटना का कारण हो सकता है।

47. ''श्रीकृष्ण ने कर्म मार्ग से फलासक्ति की प्रबलता हटाने का बहुत ही स्पष्ट उपदेश दिया था'' से तात्पर्य है ౼
(1) श्रीकृष्ण ने कहा था कि कर्म करते जाओ और फल की चिन्ता न करो।
(2) श्रीकृष्ण ने कहा था कि कर्म करते जाओ, सिर्फ़ फल की चिन्ता न करो।
(3) श्रीकृष्ण ने कहा था कि यदि तुम निष्ठापूर्वक कर्म करोगे तो फल अवश्य मिलेगा।
(4) श्रीकृष्ण ने कहा था कि फल में आसक्ति की अधिकता कर्म के प्रति उत्साह में बाधक होती है।

48. ''आसक्ति प्रस्तुत या उपस्थित वस्तु में ठीक कही जा सकती है।'' क्योंकि :
(1) जो प्रस्तुत नहीं है उसकी इच्छा संकट का कारण बन सकती है।
(2) जो प्रस्तुत नहीं है उसमें रुचि पैदा नहीं हो सकती है
(3) कर्म प्रस्तुत होता है इसलिए उसके प्रति रुचि स्वाभाविक है।
(4) अप्रस्तुत की आकांक्षा मानसिक स्वास्थ्य की पहचान नहीं है।

49. चार आने रोज़ का अनुष्ठान करके व्यापार से लाभ की आशा करना गीता के विरुद्ध क्यों है ?
(1) इसमें वासना मिली हुई है।
(2) इसमें कम ख़र्च करके ज़्यादा लाभ प्राप्त करने की लालसा है।
(3) इस कर्म में उत्साह के साथ लोभ जुड़ा है।
(4) इसके पीछे अंधविश्वास है।

50.उपर्युक्त अवतरण में फल की विशेष आसक्ति से लेखक का क्या अभिप्राय है?
(1) कर्म के प्रति अत्यधिक अनुराग।
(2) फल के प्रति अत्यधिक लोभ।
(3) कर्म और फल दोनों के प्रति अत्यधिक लाभ।
(4) कर्म के प्रति अनुराग और फल के प्रति उदासीनता।




HINDI SAHITYA VIMARSH
मुहम्मद इलियास हुसैन
CONTACT : 9717324769

N-2017 P-2 (HINDI) ANS KEY
(This is an unofficial answer key)
1. (A) 2. (C) 3. (C) 4. (A) 5. (A) 6. (D) 7. (C) 8. (D) 9. (A/C) 10. (B) 11. (D) 12. (A) 13. (C) 14. (B) 15. (A) 16. (D) 17. (B) 18. (D) 19. (B) 20. (A) 21. (2) 22. (1) 23. (4) 24. (2) 25. (2) 26. (1) 27. (2) 28. (1) 29. (3) 30. (B) 31. (2) 32. (4) 33. (4) 34. (2) 35. (2) 36. (3) 37. (1) 38. (2) 39. (1) 40. (3) 41. (1) 42. (2) ?? 43. (3) 44. (1) 45. (3) 46. (2) 47. (3) 48. (3) 49. (1) 50. (2)

CBSE/UGCNET/JRF ने हिन्दी साहित्य का इतिहास उलट दिया
CBSE/UGCNET/JRF N-2017 P-2 (HINDI) में 11वां है౼
वल्लभाचार्य की मृत्यु के बाद किसने कहा था, “पुष्टि मार्ग को जहाज़ जात है, सो जाकौ कछु लेना हो सो लेव।”
(A) सूरदास (B) नंददास (C) छीत स्वामी (D) विट्ठलनाथ
उपर्युक्त कथन महाकवि सूरदास का नहीं, वल्लभाचार्य के सुपुत्र गोस्वामी विट्ठलनाथ है, जो उन्होंने महाकवि सूरदास की मृत्यु के समय कहा था। हिन्दी साहित्य के विभिन्न इतिहास इसी तथ्य की पुष्टि करते हैं।

CBSE/UGCNET/JRF ने हिन्दी साहित्य का इतिहास उलट दिया


CBSE/UGCNET/JRF ने हिन्दी साहित्य का इतिहास उलट दिया
CBSE/UGCNET/JRF N-2017 P-2 (HINDI) में 6ठा प्रश्न है౼
वल्लभाचार्य की मृत्यु के बाद किसने कहा था, “पुष्टि मार्ग को जहाज़ जात है, सो जाकौ कछु लेना हो सो लेव।”
(A) सूरदास (B) नंददास (C) छीत स्वामी (D) विट्ठलनाथ
उपर्युक्त कथन महाकवि सूरदास का नहीं, वल्लभाचार्य के सुपुत्र गोस्वामी विट्ठलनाथ का है, जो उन्होंने महाकवि सूरदास की मृत्यु के समय कहा था। हिन्दी साहित्य के विभिन्न इतिहास इसी तथ्य की पुष्टि करते हैं। सूरदास को पुष्टिमार्ग का जहाज कहा दाता है।

सोमवार, 6 नवंबर 2017

UGC NET/JRF NOVEMBER 2017 P-3 HINDI


36.

UGC NET/JRF NOVEMBER 2017 P-3 HINDI
मुहम्इमद लियास हुसैन
9717324769

'आत्मजयी' की कथावस्तु निम्नलिखित में से किस पर आघारित है
(1) छान्दोग्योपनिषद (2) कठोपनिशद (3) केनोपनिषद (4) वृहदारण्यकोपनिषद
37. 'सूनी घाटी का सूरज' उपन्यास के लेखक हैं
(1) श्रीलाल शुक्ल (2) नरेश मेहता (3) हिमांशु श्रीवास्तव (4) शैलेश मटियानी
38. 'काम और राम' का द्वन्द्व किस उपन्यास में चित्रित है
(1) मानस का हंस (2) चित्रलेखा (3) खंजन नयन (4) नाच्यौ बहुत गोपाल
39. कि मैं इस घर से ही कुछ ऐसी चीज़ लेकर गयी हूं जो किसी भी स्थिति में मुझे स्वाभाविक नहीं रहने देती।
'आधे अधूरे' नाटक के प्रस्तुत संवाद का संबंध किसपात्र से है ?
(1) बड़ी लड़की (2) छोटी लड़की (2) स्त्री (4) लड़का
40. 'कारवां' किसका एकांकी संग्रह है ?
(1) उपेन्द्रनाथ अश्क (2) विष्णु प्रभाकर (3) रामकुमार वर्मा (4) भुवनेश्वर
41. रचनाकाल के अनुसार निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम है :
(1) राउलवेल, कुवलयमाला कथा, वर्णरत्नाकर, उक्तिव्यक्ति प्रकरण
(2) उक्तिव्यक्ति प्रकरण, वर्णरत्नाकर, कुवलयमाला कथा, राउलवेल
(3) कुवलयमाला कथा, राउलवेल, उक्तिव्यक्ति प्रकरण, वर्णरत्नाकर
(4) वर्णरत्नाकर, उक्तिव्यक्ति प्रकरण, राउलवेल, कुवलयमाला कथा
42. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित काव्यकृतियों का सही अनुक्रम है
(1) हंस जवाहिर, पुहुपावती, यूसुफ़-ज़ुलेखा, अनुराग बांसुरी
(2) पुहुपावती, हंस जवाहिर, यूसुफ़-ज़ुलेखा, अनुराग बांसुरी
(3) पुहुपावती, हंस जवाहिर, अनुराग बांसुरी, यूसुफ़-ज़ुलेखा
(4) अनुराग बांसुरी, हंसजवाहिर, पुहुपावती, यूसुफ़-ज़ुलेखा
पुहुपावती (1669), हंस जवाहिर (1736), यूसुफ़-ज़ुलेखा (1790), अनुराग बांसुरी (1821)

43. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित काव्यकृतियों का सही अनुक्रम है
(1) कीर्तिलता (1402 ई.), भक्तमाल (1717 ई.), छिताईवार्ता (1590 ई.), चित्रावली (1623 ई.)
(2) भक्तमाल, छिताईवार्ता, कीर्तिलता, चित्रावली
(3) चित्रावली, कीर्तिलता, भक्तमाल, छिताईवार्ता
(4) छिताईवार्ता, कीर्तिलता. भक्तमाल, चित्रावली
उत्तर-iii (36) (2) (37) (1) (38) (1) (39) (1) (40) (4) (41) (3) (42) (2) पुहुपावती (1669), हंस जवाहिर (1736), यूसुफ़-ज़ुलेखा (1790), अनुराग बांसुरी (1821) (43) (1) कीर्तिलता (1402 ई.), भक्तमाल (1717 ई.), छिताईवार्ता (1590 ई.), चित्रावली (1623 ई.)


बुधवार, 1 नवंबर 2017

मैथिलीशरण गुप्त पर UGC में पूछे गए प्रश्न

द्विवेदी युग की कविता ౼गुप्त
द्विवेदी युग की सीमा 1900-1920 ई.
मुहम्मद इलियास हुसैन
Hindisahityavimarsh.blogspot.com
Mob : 9717324769

मैथिलीशरण गुप्त (1886-1964 ई.)
उपनाम : स्वर्णलता, रसिकेश, रसिकेन्दु, मधुप, नित्यानन्द, भारतीय (इस नाम से ब्रिटिश शासन के विरोध में कविताएँ लिखीं)
1. 'अनघ' नाटक किस कवि ने लिखा है?
(1) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र (2) मैथिलीशरण गुप्त (3) सुमित्रनन्दन पन्त(4) रामकुमार वर्मा
उत्तर : (2)

2. निम्नलिखित में से मैथिलीशरण गुप्त की कौन-रचना नायिका प्रधान नहीं है?
(1) यशोधरा (2) पंचवटी (3) साकेत (4) विष्णुप्रिया
उत्तर : (2)

3. भारत भारत का प्रकाशन काल है
(1) सन् 1909 ई. (2) सन् 1910 ई. (3) सन् 1911 ई. (4) सन् 1912 ई.
उत्तर : (4)

4. इनमें से कौन-सी कृति प्रतिबंधित नहीं है?
(1) भारत भारती (2) बन्दिनी (3) झांसी की रानी (4) चिंगारियां
उत्तर : (4)

5. 'सखी वे मुझसे कहकर जाते' ౼किस कवि की काव्य पंक्ति है ?
(1) सियारामशरण गुप्त (2) मैथिलीशरण गुप्त (3) हरिऔध (4) जगदीश गंप्त
उत्तर : (2)

6. 'दो राह, समय के रथ का घर्घर नाद सुनो, सिंहासन खाली करो कि जनता आती है ' ౼ ये काव्य-पंक्तियां किसकी कविता से उद्धृत है ?
(1) शिवमंगलसिंह सुमन (2) मैथिलीशरण गुप्त (3) रामधारीसिंह दिनकर (4) जानकी वल्लभ शास्त्री
उत्तर : (3)

7. इनमें से कौन-सा महाकाव्य नहीं है?
(1) साकेत (2) कामायनी (3) महाप्रस्थान (4) प्रियप्रवास
उत्तर : (3)

8. जन्मकाल की दृष्टि से निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम है :
(A) अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔध, बालकृष्ण शर्मा नवीन, मैथिलीशरण गुप्त, माखनलाल चतुर्वेदी
(B) मैथिलीशरण गुप्त, अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔध, बालकृष्ण शर्मा नवीन, माखनलाल चतुर्वेदी
(C) अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔध, मैथिलीशरण गुप्त, माखनलाल चतुर्वेदी, बालकृष्ण शर्मा नवीन
(D) माखनलाल चतुर्वेदी, मैथिलीशरण गुप्त, बालकृष्ण शर्मा नवीन, अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔध
उत्तर : (C) अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔध (1865), मैथिलीशरण गुप्त (1886), माखनलाल चतुर्वेदी (1889), बालकृष्ण शर्मा नवीन (1897)

9. जन्मकाल की दृष्टि से निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम है :
(A) दिनकर, बच्चन, अज्ञेय, मैथिलीशरण गुप्त
(B) मैथिलीशरण गुप्त, दिनकर, बच्चन, अज्ञेय
(C) मैथिलीशरण गुप्त, बच्चन, दिनकर, अज्ञेय
(D) बच्चन, अज्ञेय, मैथिलीशरण गुप्त, दिनकर
उत्तर : (B) मैथिलीशरण गुप्त (1886 ई. ), बच्चन (1907 ई.), दिनकर (1908 ई.), अज्ञेय (1911 ई.)

10. जन्मकाल की दृष्टि से निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम है :
(A) श्रीधर पाठक, मैथिलीशरण गुप्त, दिनकर, अज्ञेय
(B) मैथिलीशरण गुप्त, श्रीधर पाठक, दिनकर, अज्ञेय
(C) श्रीधर पाठक, मैथिलीशरण गुप्त, दिनकर, अज्ञेय
(D) श्रीधर पाठक, अज्ञेय, दिनकर, मैथिलीशरण गुप्त,
उत्तर : (B) श्रीधर पाठक (1869 ई.), मैथिलीशरण गुप्त (1886 ई.), दिनकर (1908 ई.), अज्ञेय (1911 ई.)

11. प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से निम्नलिखित काव्य-ग्रंथों का सही अनुक्रम है :
(A) काश्मीर सुषमा, प्रिय प्रवास , मिलन, भारत भारती
(B) भारत भारती, मिलन, काश्मीर सुषमा, प्रिय प्रवास
(C) काश्मीर सुषमा, भारत भारती, प्रिय प्रवास, मिलन
(D) प्रिय प्रवास, काश्मीर सुषमा, मिलन, भारत भारती
उत्तर : (C) काश्मीर सुषमा 1904, भारत भारती 1912, प्रिय प्रवास 1914, मिलन 1917

12. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम बताइए :
(A) साकेत, कामायनी, लोकायतन, प्रियप्रवास
(B) प्रियप्रवास, साकेत, कामायनी, लोकायतन
(C) प्रियप्रवास, कामायनी, साकेत, लोकायतन
(D) कामायनी, साकेत, लोकोयतन, प्रियप्रवास
उत्तर : (B) प्रियप्रवास, साकेत, कामायनी, लोकायतन

13. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम बताइए :
(A) साकेत, प्रियप्रवास, तुलसीदास, कृष्णायन
(B) प्रियप्रवास, साकेत, तुलसीदास, कृष्णायन
(C) कृष्णायन, प्रियप्रवास, साकेत, तुलसीदास
(D) तुलसीदास, प्रियप्रवास, साकेत, कृष्णायन
उत्तर : (B) प्रियप्रवास (1914 ई.), साकेत (1931 ई.), तुलसीदास (1938 ई.), कृष्णायन (1947 ई.)

14. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम बताइए :
(A) प्रियप्रवास, साकेत, कामायनी, कुरुक्षेत्र
(B) साकेत, प्रियप्रवास, कुरुक्षेत्र, कामायनी
(C) कामायनी, कुरुक्षेत्र, साकेत, प्रियप्रवास
(D) प्रियप्रवास, कामायनी, कुरुक्षेत्र, साकेत
उत्तर : (A) प्रियप्रवास (1914 ई.), साकेत (1931 ई.), कामायनी (1935 ई.), कुरुक्षेत्र (1946 ई.)

15. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम बताइए :
(A) साकेत, कामायनी, कुरुक्षेत्र, अंधायुग
(B) कामायनी, कुरुक्षेत्र, साकेत, अंधायुग
(C) साकेत, कुरुक्षेत्र, अंधायुग, कामायनी
(D) अंधायुग, कुरुक्षेत्र, साकेत, कामायनी
उत्तर : (A) साकेत (1931 ई.), कामायनी (1935 ई.), कुरुक्षेत्र (1946 ई.), अंधायुग ( 1954ई.)

16. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम बताइए :
(A) आत्मजयी, कनुप्रिया, उर्वशी, यशोधरा
(B) कनुप्रिया, उर्वशी, आत्मजयी, यशोधरा
(C) उर्वशी, कनुप्रिया, यशोधरा , आत्मजयी,
(D) यशोधरा, उर्वशी, कनुप्रिया, आत्मजयी
उत्तर : (D) यशोधरा (1932 ई.), उर्वशी, (1961 ई.), कनुप्रिया, (1965 ई.), आत्मजयी (1965 ई.)

17. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम बताइए :
(A) साकेत, उर्वशी, प्रियप्रवास, कामायनी
(B) प्रियप्रवास, साकेत, कामायनी, उर्वशी
(C) कामायनी, उर्वशी, साकेत, प्रियप्रवास
(D) उर्वशी, प्रियप्रवास, कामायनी, साकेत
उत्तर : (B) प्रियप्रवास (1914 ई.), साकेत (1931 ई.) , कामायनी (1935 ई.), उर्वशी (191961 ई.)

18. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम बताइए :
(A) भारत भारती, रस कलश, उर्वशी, शम्बुक
(B) रस कलश, भारत भारती, उर्वशी, शम्बुक
(C) उर्वशी, शम्बुक, भारत भारती, रस कलश,
(D) शम्बुक, रस कलश, भारत भारती, उर्वशी
उत्तर : (A) भारत भारती (1912 ई.), रस कलश (1031 ई.), उर्वशी (1961 ई.), शम्बुक (ई., जगदीश गुप्त)

19. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम बताइए :
(A) अनामिका, पल्लव, भारत भारती, दीपशिखा
(B) दीपशिखा, अनामिका, पल्लव, भारत भारती
(C) पल्लव, अनामिका, दीपशिखा, भारत भारती
(D) भारत भारती, पल्लव, अनामिका, दीपशिखा
उत्तर : (D) भारत भारती, पल्लव, अनामिका, दीपशिखा

21. निम्नलिखित ग्रंथों को उनके काव्यरूपों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) पंचवटी (i) महाकाव्य
(B) प्रिय प्रवास (ii) काव्यनाटक
(C) एक कंठ विषपायी (iii) खंडकाव्य
(D) शिवाबावनी (iv) मुक्तक (v) चम्पू
कूट :
(a) (b) ¼c) ¼d)
(1) ¼ii½ ¼iii½ ¼iv½ ¼v½
(2) (iii) (i) (ii)(¼iv)
(3) ¼i½ ¼iv½ ¼v½ ¼iii½
(4) ¼v½ ¼i½ ¼ii½ ¼iii½
उत्तर : (2)

22. निम्नलिखित कविताओं को उनके प्रकाशन वर्ष के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) विष्णुप्रिया (i) 1929
(B) श्वप्न (ii) 1902
(C) हिमकिरीटिनी (iii) 1915
(D) श्रान्त पथिक (iv) 1941 (v) 1957
कूट :
(a) (b) (c) (d)
¼1½ ¼ii½ ¼iii½ ¼iv½ ¼v½
¼2½ ¼iii½ ¼i½ ¼iv½ ¼ii½
¼3½ ¼i½ ¼iv½ ¼v½ ¼iii½
(4) (v) (i) (iv) (ii)
उत्तर : (4)

23. निम्नलिखित पंक्तियों को उनक कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) वैश्यो, सुनो व्यापार सारा मिट चुका है देश का
सब धनविदेशी हर रहे हैं पार है क्या क्लेश का ? (i) जयशंकर प्रसाद
(B) तुम भूल घए पुरुषत्व मोह में, कुछ सत्ता है नारी की।
समरसता है संबंध बनी अधिकार और अधिकारी की। (ii) पन्त
(C) प्रथम रश्मि का आना रागिणी, तूने कैसे पहचाना ?
कहां-कहां हे बाल विहंगिनी ? पाया तूने यह गाना ? (iii) महादेवी वर्मा
(D) क्या अमरों का लोक मिलेगा तेरी करुणा का उपहार ?
रहने दो हे देव, अरे यह मेरा मिटने का अधिकार । (iv) निराला (v) मैथिलीशरण गुप्त
कूट :
¼a½ ¼b½ ¼c½ ¼d½
¼1½ ¼ii½ ¼iii½ ¼iv½ ¼v½
¼2½ ¼iii½ ¼i½ ¼iv½ ¼ii½
¼3½ ¼i½ ¼iv½ ¼v½ ¼iii½
(4) (v) (i) (ii) (iii)
उत्तर : (4)

24. निम्नलिखित पंक्तियों को उनक कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) दोनों ओर प्रेम पलता है (i) प्रसाद
(B) धिक जीवन जो पाता ही आया विरोध (ii) तुलसीदास
(C) परहित सरस धर्म नहीं भाई (iii) निराला
(D) बीन भी हूं मैं तुम्हारी रागिनी भी हूं (iv) मैथिलीशरण गुप्त (v) महादेवी वर्मा
कूट :
¼a½ ¼b½ ¼c½ ¼d½
¼1½ ¼ii½ ¼iii½ ¼iv½ ¼v½
¼2½ ¼iii½ ¼i½ ¼iv½ ¼ii½
(3) (iv) (iii) (ii) (v)
¼4½ ¼v½ ¼i½ ¼ii½ ¼iii½
उत्तर : (3)

25. निम्नलिखित पंक्तियों को उनक कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) चिर सजग आंखें उनीन्दी आज कैसा व्यस्त बाना (i) महावीर प्रसाद द्विवेदी
(B) रूपोद्यान प्रफुल्ल प्राय कलिका राकेन्दु बिम्बाना (ii) मैथिलीशरण गुप्त
(C) वेदने, तू भी भली बनी (iii) महादेवी वर्मा
(D) सुरम्य रम्ये, रस राशि रंजिते (iv) हरिऔध (v) सुभद्राकुमारी चौहान
कूट :
¼a½ ¼b½ ¼c½ ¼d½
1 (iiI) (iV) (iI) (I)
¼2½ ¼iii½ ¼i½ ¼iv½ ¼ii½
¼3½ ¼iv½ ¼iii½ ¼ii½ ¼v½
¼4½ ¼v½ ¼i½ ¼ii½ ¼iii½
उत्तर : (1)

26. निम्नलिखित पंक्तियों को उनक कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) रवि हुआ अस्त ज्योति के त्र पर लिखा अमर (i) पन्त
(B) शैया सैकत पर दुग्धधवल तन्वंगी गंगा ग्रीष्म विकल (ii) मैथिलीशरण गुप्त
(C) सखि, वे मुझसे कहकर जाते (iii) निराला
(D) शशि मुख पर घूंघट डाले ( iv) नागार्जुन (v) जयशंकर प्रसाद
कूट :
¼a½ ¼b½ ¼c½ ¼d½
¼1½ ¼ii½ ¼iii½ ¼iv½ ¼v½
¼2½ ¼iii½ ¼i½ ¼iv½ ¼ii½
¼3½ ¼iv½ ¼iii½ ¼ii½ ¼v½
(4) (iii) (i) (ii) (v)
उत्तर : (4)

27. निम्नलिखित पंक्तियों को उनक कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) पराधीन रहकर अपना सुख शोक न कह सकता है।
वह अपमान जगत में केवल पशु ही सह सकता है। (i) मैथिलीशरण गुप्त
(B) धरती हिल कर नींद भगा दे । वज्रनाद से व्योम जगा दे ।
देव और कुछ लाग लगा दे। (ii) जगन्नाथदास रत्नाकर
(C) दिवस का अवसान समीप था, गगन था कुछ लोहित हो चला । (iii) नाथूराम शर्मा शंकर
(D) भेजे मनभावन के उधव के आवन की,
सुधि ब्रज-गांवनि मैं पावन जबै लगी । (iv) रामनरेश त्रिपाठी (v) अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔध
कूट :
(a) (b) (c) (d)
(1) (ii) (iii) (iv) (v)
¼2½ (iii) (i) (iv) (ii)
¼3½ (i) (iv) (v) (iii)
¼4½ (v½ (i) (ii) (iii)
उत्तर : (1)

28. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों को उनक कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) ये उपमान मैले हो घए हैं (i) अज्ञेय
(B) हम राज्य के लिए मरते हैं (ii) बिहारी
(C) बतरस लालच लाल की (iii) मैथिलीशरण गुप्त
(D) निज भाषा उन्नति अहै
सब उन्नति को मूल (iv) तुलसीदास (v) पन्त
कूट :
(a) (b (c) (d)
¼1½ (ii) (iii) (iv) (v)
(2) (i) (iII) (iI) (iV)
¼3½ (i) (iv) (v) (iv)
¼4½ (v) (i) (ii) (iii)
उत्तर : (2)

खड़ीबोली में पहली कविता : हेमन्त (1905 ई.)
पहला काव्य-ग्रंथ : रंग में भंग (1909 ई.)।
अन्तिम रचना : विजयपर्व (1963 ई., भारत पर चीन के आक्रमण पर उदबोधन गीत)।
काव्य-ग्रंथ प्रबन्धकाव्य
1. मौलिक खण्ड-काव्य : रंग में भंग (1909ई., ऐतिहासिक काव्य, बूँदी एवं के राजपूतेम के शौर्य का वर्णन), जयद्रथवध (1910 ई., महाभारत की कथा, सात सर्गों में अभिमन्यु के शौर्य और जयद्रथ के वध का वर्णन), शकुन्तला (1914 ई., कालिदास के आभिज्ञानशकुन्तलम का पद्य रूपान्तरण, शकुन्तला-दुष्यन्त का आख्यान) पंचवटी (1915 ई., लक्ष्मण और सूर्पनखा का आख्यान), किसान (1916 ई., किसान तथा कुली प्रथा से संबंधित, आठ सर्गों में विभाजित आत्मचरितात्मक खण्ड-काव्य), सैरन्ध्री (1926 ई., पाण्डवों के अज्ञातवास के दौरान सैरन्ध्री अर्थात द्रौपदी और कोचक का प्रसंग, महाभारत का आख्यान), बकसंहार (1927 ई., कुन्ती के आदर्श चरित्र का चित्रण और भीम द्वारा बकासुर का वध-प्रसंग), वनवैभव (1927 ई., अर्जुन की विजय और दुर्योधन की पराजय की कथा, महाभारत का आख्यान), शक्ति (1927 ई., दुर्गाशप्तशती में वर्णित दुर्गा के शौर्य का वर्णन, पौराणिक कथा), यशोधरा (1932 ई., गौतम बुद्ध और यशोधरा से संबंधित चम्पूकाव्य), द्वापर (1936 ई., कृष्ण-कथा पर आश्रित एकालाप), सिद्धराज (1936 ई., सिद्धराज (1936 ई., राजा जयसिंह के चरित्र पर आधारित खण्ड-काव्य), नहुष (1940 ई., महाभारत का आख्यान, नहुष का चरित्र-चित्रण), कुणाल गीत (1941 ई., कुणाल की करुण कथा गीत शैली में), क़र्बला ( 1942 ई., इमाम हुसैन के बलिदान का कथा), अजित (1946 ई., एक राजनीतिक बन्दी का आत्मकथात्मक आख्यान),हिडिम्बा (1950 ई., राक्षसी हिडिम्बा और भीम की कथा,महाभारत का आख्यान), विष्णुप्रिया (1957 ई., महाप्रभु चैतन्य की धर्म-पत्नी विष्णप्रिया की पुण्य गाथा), रत्नावली (1960 ई., सन्त तुलसीदास की धर्म-पत्नी रत्नावली की कथा), उर्मिला (अप्रकाशित, लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला की कथा, रचनाकाल 1908-9 ई.)
2. महाकाव्य या वृहत् प्रबन्धकाव्य
साकेत (1931 ई., राम की अयोध्या के साथ राम, सीता, लक्षमण और उर्मिला का चरित्र-चित्रण 12 सर्गों में), जयभारत (1952 ई., महाभारत का आख्यान, कथा युधिष्ठिर के इर्द-गिर्द घूमती है, डॉ. कमलकान्त ने इसे वृहत काव्य कहा है )
3. मुक्तक काव्य
पद्य-प्रबन्ध (1912 ई., स्फुट कविताओं का संग्रह), मंगल घट (1937 ई., दार्शनिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर कविताएँ), आस्वाद (1938 ई., प्रकीर्ण कविताएँ और गीत-संग्रह), स्वस्ति और संकेत (1979 ई., गीत-संग्रह), राष्ट्रवाणी (1986 ई., राष्ट्रगीत)।
4. मुक्तक काव्य
वैतालिक (1916 ई., राष्ट्रीय एवं पुनर्जागरण गीत), स्वदेश-संगीत (1925 ई., राष्ट्र गीतों का संकलन), झंकार (1927 ई., आध्यात्मिक एवं रहस्यानुभूति की कविताएँ), विश्ववेदना (1942 ई., युद्ध की विभीषिक-संबंधी कविताएँ), अंजलि और अर्घ्य (1942 ई., महात्मा गांधी के निधन पर रचित शोक-गीत), भूमि-भाग (1953 ई,.विनोबा भावे के भूदान-य़ज्ञ संबंधी गीत), उच्छवास (1960 ई., पुत्र की मृत्यु पर शोक-गीत)।
गीति- नाटय, पद्य-नाट्य (काव्य-नाट्य, रूपक)
अनघ (1925 ई., बौद्ध संस्कृति पर नाट्य-रूपक), दिवोदास (1950 ई., काशीराज दिवोदास के वैदिक आख्यान पर आधारित एकांकी नाटक), पृथ्वीपुत्र (1950 ई., मातृभूमि के मिथख पर आधारित एकांकी संवाद रूपक), जयिनी (1950 ई., मार्क्स एवं जेनी यानी जयिनी के जीवनादर्शों पर आधारित संवादात्मक काव्य)।
5. कथाश्रित निबंधकाव्य
पत्रावली (1916 ई., सात पद्यात्मक पत्र), विकट भट (1928 ई., राजपूती शौर्य-गाथा), गुरुकुल (1928 ई., सिक्ख गुरुओं की कथात्मक निबंधमाला), अर्जन एवं विसर्जन (1942 ई., दमिश्क़ और उत्तरी अफ़रीक़ा पर किए गए आक्रमण पर आधारित काव्य), काबा (1942 ई., इस्लामी संस्कृति, हजरत मुहम्मद सल्ल. की जीवनी), प्रदक्षिणा (1950 ई., रामककथा), युद्ध (1950 ई., महाभारत युद्ध पर आधारित काव्य), कविताश्री (1955 ई., आदर्श भारतीय नारी-भावना का चित्रण), नल-दमयन्ती (1910-11 ई., अप्रकाशित पौराणिक आख्यानक काव्य।

निबंधकाव्य
भारत भारती (1912 ई., उद्बोधन काव्य), हिन्दू (1927 ई., जातीय एकता पर आधारित), राजा-प्रजा (1956 ई., राजतंत्र बनाम प्रजातंत्र पर आधारित विचार-प्रधान काव्य), विजयपर्व (1963 ई., भारत पर चीन के आक्रमण पर उदबोधन गीत)।
कथन
मैं पढ़ने के लिए नहीं जन्मा हूँ, मैंने इसीलिए जन्म लिया है कि लोग ही मुझे पढ़ें।౼ मैथिलीशरण गुप्त

रविवार, 29 अक्तूबर 2017

तुलसीदास पर पूछे गए सवाल


तुलसीदास पर पूछे गए सवाल


1. तुलसीदास की किस रचना का संबंध ज्योतिष से है?
(A) रामलला नहछू (B) जानकी मंगल (C) हनुमान-बाहुक (D) रामाज्ञा प्रश्न

2. 'कृष्ण गीतावली' किसकी रचना है?
(A) मीराबाई (B) रसखान (C) सूरदास (D) तुलसीदास

3. तुलसीकृत कृष्ण-काव्य कौन-सा है?
(A) कृष्णायन (B) कृष्ण चरित (C) कृष्ण चन्द्रिका (D) कृष्ण गीतावली

4. ‘बरवै रामायण’ किसकी रचना है?
(A) सूरदास (B) तुलसीदास (C) नन्ददास (D) केशवदास

5. गोस्वामी तुलसीदास की अंतिम रचना कौन-सी है?
(A) विनयपत्रिका (B) दोहावली (C) कवितावली (D) हनुमानबाहुक

6. इनमें से कौन-सी रचना तुलसीदास की है?
(A) रामाध्यान मंजरी (B) रामसतसई (C) कृष्ण गीतावली (D) श्रीरामार्चन पद्धति

7. गोस्वामी तुलसीदास की रचना ‘कवितावली’ किस भाषा की रचना है?
(A) अवधी (B) ब्रजभाषा (C) बुन्देली (D) मैथिली

8. 'रामाज्ञा प्रश्नावली' किसकी रचना है?
(A) नाभादास (B) अग्रदास (C) तुलसीदास (D) हृदयदास

9. तुलसीदास की किस रचना में सन्तों महन्तों के गुण वर्णित हैं :
(A) वैराग्य सन्दीपनी (B) रामाज्ञा प्रश्न (C) पार्वती मंगल (D) जानकी मंगल

10. तुलसीदास के गुरु थे :
(A) नरहर्यानन्द (B) रामानन्द (C) रामानुजाचार्य (D) शंकराचार्य

11. निम्नलिखित में से कौन-सा ग्रंथ तुलसीदास का नहीं है?
(1) गीतावली (2) रामचन्द्रिका (3) विनयपत्रिका (4) दोहावली

12. इनमें से कौन-सी रचना अवधी में नहीं है?
(1) पद्मावत (2) मधुमालती (3) कवितावली (4) नूर जवाहर

13. राम और सीता के विवाह के अवसर पर किस कवि ने मिथिला की स्त्रियों से गारी गीत गवाया है ?
(1) तुलसीदास (2) अग्रदास (3) प्राणचल्द चौहान (4) केशवदास

14. कौन-सा युग्म संगत है?
(1) साहित्य लहरी ౼पद्माकर (2) लोकायतन ౼ निराला (3) एक कंठ विषपायी ౼नागार्जुन (4) वैराग्य संदीपनी ౼तुलसीदास

15. ‘कलि कुटिल जीव निस्तार हित वाल्मीकि तुलसी भयो’ कथन है :
(A) रामचरणदास (B) नाभादास (C) रघुवरदास (D) हरिराम व्यास

16. ‘खेती न किसान को, भिखारी को न भीख बलि,
बनिक को न बनिज न चाकर को चाकरी’ पंक्ति तुलसी की किस कृति स संबद्ध है?
(A) रामचरित मानस (B) कवितावली (C) विनयपत्रिका (D) गीतावली

17. ‘मांगि के खैबो मसीत के सोइबो लैबो को एक न दैबो को दोक’ पंक्ति का संबंध तुलसीदास की किस रचना से है?
(A) रामचरितमानस (B) विनयपत्रिका (C) गीतावली (D) कवितावली

18. 'अब लौं नसानी अब न नसै हों' ౼किसकी उक्ति है ?
(A) तुलसीदास (B) सूरदीस (C) मीराबाई (D) कबीरदास

19. ˚'अब लौं नसानी अब न नसै हों' तुलसीदास की किस किताब से है ?
(A) विनयपत्रिका (B) रामचरितमानस (C) वैराग्य संदीपनी (D) दोहावली

20. 'साखी सबदी दोहरा कहि कहनी उपखान।
भगति निसृपहिं अधम कवि निंदहिं वेद पुरान।।' ౼किस कवि की पंक्तियां हैं?
(A) कबीरदास (B) भिखारीदास (C) तुलसीदास (D) सूरदास

21. 'गोरख भगायो जोग, भगति भगायो लोग।' ౼यह काव्य-पंक्ति किसकी है?
(A) गोरखनाथ (B) कबीरदास (C) तुलसीदास (D) जायसी

22. ‘गिरा अरथ, जल बीचि सम कहियत भिन्न भिन्न।
बंदौं सीताराम पद जिनहि परम परम प्रिय खिन्न।’
उक्त काब्य पंक्तियाँ किस कवि की है ?
(1) केशवदास (2) तुलसीदास (3) ईश्वरदास (4) नागरीदास
23. 'केशव कहि न जाइए का कहिए।
देखत तब रचना समुझि मन हि मन रहिए।।'
౼किस कवि की पंक्तियां हैं ?
(1) केशवदास (2) तुलसीदास (3) सूरदास (4) नागरीदास

24. 'मैं नारि अपावन प्रभु जग पावन रावन रिपु जग सुखदाई। राजीव विलोचन भव भय मोचन पाहि.पाहि सरनहिं आई।।'
रामचरित मानस की उक्त चौपाई में व्यक्त विचार किस पात्र के हैं :
(A) अहल्या (B) शबरी (C) तारा (D) मंदोदरी

25. 'श्रुति सम्मत हरिभक्ति पथ संजुत विरति विवेक' ౼यह काव्य-पंक्ति तुलसीदास की किस रचना से है ?
(A) रामचरितमानस (B) कवितावली (C) विनयपत्रिका (D) गीतीवली

26. ‘कर्मठ कठमलिया कहे ज्ञानी ज्ञान-विहीन
तुलसी त्रिपथ बिहाय गो राम दुआरे दीन’ में त्रिपथ का अर्थ है :
(A) निर्गुण, सगुण और मुक्ति मार्ग (B) उत्तम मार्ग, मध्यम मार्ग और निम्नमार्ग
(C) द्वैत, अद्वैत और द्वैताद्वैत (D) कर्म मार्ग, ज्ञान मार्ग और उपासना मार्ग

27. 'सर्वव्यापी एक कुम्हारा, जाकी महिमा आर न पारा।।
हिन्दू तुरुक का एकै कर्ता, एकै ब्रह्म सबन का भर्ता।।'
के रचनाकार हैं :
(A) कबीरदास (B) मलूकदास (C) तुलसीदास (D) रहीमदासजी

28. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम बताइए :
(A) कृष्णायन, कीर्तिपताका, रामचरित मानस, रामचन्द्रिका
(B) कीर्तिपताका, रामचरित मानस, रामचन्द्रिका, कृष्णायन
(C) रामचरित मानस, रामचन्द्रिका, कृष्णायन, कीर्तिपताका
(D) रामचन्द्रिका, रामचरित मानस, कीर्तिपताका, कृष्णायन

29. निम्नलिखित रचनाओं का कालक्रमानुसार सही अनुक्रम बताइए :
(A) रामचन्द्रिका, रामचरितमानस, वैदेही वनवास, राम की शक्तिपूजा
(B) राम की शक्तिपूजा, रामचरित मानस, रामचन्द्रिका, वैदेही वनवास
(C) रामचरितमानस, रामचन्द्रिका, वैदेही वनवास, राम की शक्तिपूजा
(D) रामचन्द्रिका, रामचरितमानस, राम की शक्तिपूजा, वैदेही वनवास

30. रचनाकाल की दृश्टि से निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम बताइए :
(A) कीर्तिलता, रामचरितमानस, रसराज, प्रियप्रवास
(B) कीर्तिलता, रामचरितमानस, प्रियप्रवास, रसराज
(C) रामचरितमानस, प्रियप्रवास, रसराज, कीर्तिलता
(D) प्रियप्रवास, रामचरितमानस, कीर्तिलता, रसराज

31. इन कवियों का कालक्रमानुसार आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए :
(A) तुलसीदास, ईश्वरदास, नाभादास, केशवदास
(B) ईश्वरदास, तुलसीदास, केशवदास, नाभादास
(C) केशवदास, तुलसीदास, ईश्वरदास, नाभादास
(D) नाभादास, केशवदास, तुलसीदास, ईश्वरदास
(B) ईश्वरदास (1480-1550 ई.), तुलसीदास (1532-1623 ई.),
केशवदास (1555 ई.-1617 ई.), नाभादास (1570-1650)

32. 'रामचरितमानस' के काण्डों का सही अनुक्रम है :
(A) अरण्यकाण्ड, किष्किंधाकाण्ड, अयोध्याकोणड, बालकाण्ड
(B) बालकाण्ड, अयोध्याकोणड, अरण्यकाण्ड, किष्किंधाकाण्ड
(C) किष्किंधाकाण्ड, अयोध्याकोणड, बालकाण्ड, अरण्यकाण्ड
(D) अरण्यकाण्ड, किष्किंधाकाण्ड, बालकाण्ड, अयोध्याकोणड
(रामचरित मानस के काण्ड क्रमानुसार ये हैं :
बालकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, किष्किंधाकाण्ड, सुन्दरकाण्ड, लंकाकाण्ड और उत्तरकाण्ड
बालक अयोध्या ने अरण्य में किष्किन्धा को सुन्दर लंका की उत्तर-कथा सुनाई।)

33. रामचरितमानस के काण्डों का सही अनुक्रम है :
(A) बालकाण्ड, अयोध्याकोणड, उत्तरकाण्ड, अरण्यकाण्ड
(B) बालकाण्ड, अयोध्याकोणड, अरण्यकाण्ड, उत्तरकाण्ड
(C) उत्तरकाण्ड, अयोध्याकोणड, बालकाण्ड, अरण्यकाण्ड
(D) अरण्यकाण्ड, उत्तरकाण्ड, बालकाण्ड, अयोध्याकोणड

34. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए :
(A) रामचरित मानस (i) लालादास
(B) रामचन्द्रिका (ii) तुलसीदास
(C) अवध विलास (iii) ईश्वरदास
(D) भरत मिलाप (iv) केशवदास
कूट :
a b c d
(A) (iv) (iii) (ii) (i)
(B) (ii) (iii) (iv) (i)
(C) (ii) (iv) (i) (iii)
(D) (iii) (iv) (i) (ii)

35. निम्नलिखित कवियों को उनकी पंक्तियों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) केशव कहि न जाइए का कहिए। (i) सूर
(B) अविगति कछु कहत न आवै। (ii) कबीर
(C) राम भगति अनियारे तीर (iii) जायसी
(D) जोरी लाइ रकत कै लेई (iv) तुलसी (v) मीरा
कूट :
a b c d
(A) (iv) (i) (ii) (iii)
(B) (iv) (ii) (i) (v)
(C) (v) (iii) (ii) (iv)
(D) (i) (iv) (v) (iii)

36. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों को उनके कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) हौं सब कबिन्ह केर पछिलगा (i) कबीरदास
(B) कबित्त विवेक एक नहिं मोरे (ii) जायसी
(C) प्रभुजी, हौं पतितन को टीको (iii) मलूकदास
(D) अब तो अजपा जपु मन मेरे।
सूर नर असुर टहलुआ जाके मुनि गंध्रब हैं जाके चेरे (iv) तुलसीदास (v) सूरदास
कूट :
a b c d
(A) (ii) (iv) (v) (iii)
(B) (iv) (ii) (i) (v)
(C) (v) (iii) (ii) (iv)
(D) (i) (iv) (v) (iii)

37. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-1 सूची-2
(A) जेहि पंखी के नियर होईए करै बिरह की बात। सोई पंखी जाई जरिए तरिवर होई निपात (i) तुलसीदास
(B) हमको सपनेहू में सोच जा दिन तें बिछुरे नन्दनन्दन ता दिन ते यह पोच। (ii) नंददास
(C) जब जीवन को है कपि आस न कोय। कनगुरिया की मुदरी कंगना होय (iii) सूरदास
(D) जिभिया ऐसी बावरी कहि गई सरगताल आपुहिं कहि भीतर रही जूती खात कपाल। (iv) जायसी (v) रहीम
कोड :
a b c d
(A) (iv) (iii) (i) (v)
(B) (v) (iv) (ii) (i)
(C) (iii) (v) (iv) (ii)
(D) (ii) (i) (iii) (iv)

38. पंक्तियों के साथ कवियों का सुमेलन कीजिए :
(A) सेस महेस गनेस दिनेस (i) सूरदास
(B) मन लेत पै देत छटांक नहीं (ii) तुलसीदास
(C) जैसे उड़ि जहाज को पंछी (iii) घनानन्द
(D) गिरा अनयन नयन बिनु बानी (iv) रसखान (v) केशवदास
कूट :
a b c d
(A) (i) (ii) (iv) (iii)
(B) (iv) (iii) (i) (ii)
(C) (iv) (v) (ii) (i)
(D) (iii) (iv) (i) (v)

39. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों को उनके कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) जात पात पूछै नहिं कोई (i) तुलसीदास
(B) गिरा अनयन नयन बिनु बानी (ii) परमानन्ददास
(C) प्रेम प्रेम ते प्रेम ते पारहिं पइए (iii) जायसी
(D) मानुष प्रेम भयो बैकुंठी (iv) रामानन्द (v) सूरदास
कूट :
a b c d
(A) (v) (ii) (iii) (iv)
(B) (ii) (iv) (i) (v)
(C) (iv) (i) (v) (iii)
(D) (i) (iii) (ii) (v)

40. निम्नलिखित काव्य-पंक्तयं को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) ये उपमान मैले हो गए हैं (i) अज्ञेय
(B) हम राज्य लिए मरते हैं (ii) बिहारी
(C) बतरस लालच लाल की (iii) मैथिलीशरण गुप्त
(D) जब जीवन को है कपि आस न कोय (iv) तुलसीदास
(iv) पन्त
कूट :
a b c d
(A) (iv) (iii) (ii) (i)
(B) (i) (iii) (ii) (iv)
(C) (ii) (iv) (i) (iii)
(D) (iii) (iv) (i) (ii)

41. इनमें से कौन-सा उद्धरण रचना और रचनाकार के संबंध से संगत है ?
(A) सन्त हृदय नवनीत समाना (i) रसलीन
(B) काहे री नलिनी तू कुम्हिलानी (ii) बिहारी
(C) अमिय हलाहल रस भरे (iii) तुलसीदास
(D) मेरी भवबाधा हरो (iv) कबीर
(iv) सूरदास
कूट :
a b c d
(A) (iii) (iv) (i) (ii)
(B) (i) (iii) (ii) (iv)
(C) (ii) (iv) (i) (iii)
(D) (iii) (iv) (i) (ii)

42. निम्नलिखित काव्य-पंक्तयों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) बसो मोरो नैनन में नन्दलाल (i) नानकदेव
(B) प्रभु जी मोरे अवगुन चित्त न धरो (ii) कबीर
(C) अब लौं नसानी अब न नसै हों (iii) सूरदास
(D) अव्वल अल्लह नूर उपाया क़ुदरत के सब बन्दे (iv) तुलसीदास
(iv) मीराबाई
कूट :
a b c d
(A) (v) (iii) (iv) (ii)
(B) (i) (iii) (ii) (iv)
(C) (ii) (iv) (i) (iii)
(D) (iii) (iv) (i) (ii)

43. निम्नलिखित काव्य-पंक्तयों और कवियों को सुमेलित कीजिए :
(A) अति सूधौ सनेह कौ मारग है (i) तुलसीदास
(B) अब लौं नसानी अब न नसै हों (ii) सूरदास
(C) सटपटाति-सी ससि मुखी मुख पर घूँघट ढाँकि (iii) बिहारी
(D) उधौ मन न भए दस बीस (iv) घनानन्द
(iv) मीराबाई
कूट :
a b c d
(A) (v) (iii) (iv) (ii)
(B) (iv) (i) (iii) (ii)
(C) (ii) (iv) (i) (iii)
(D) (iii) (iv) (i) (ii)

44. गोस्वामी तुलसीदास की रचनाओं का सही क्रम कौन-सा है?
(A) गीतावली, दोहावली, विनय पत्रिका, रामचरित मानस
(B) रामचरित मानस, दोहावली, गीतावली, विनय पत्रिका
(C) दोहावली, गीतावली, रामचरित मानस, विनयपत्रिका
(D) विनय पत्रिका, दोहावली, गीतावली, रामचरित मानस

45. तुलसीदास की पहली रचना है :
(A) वैराग्य सन्दीपनी (B) रामाज्ञा प्रश्नावली (C) पार्वती मंगल (D) जानकी मंगल

उत्तर : 1. (D) 2. (D) 3. (D) 4. (B) 5. (D) 6. (C) 7. (B) 8. (C) 9. (A) 10. (A) 11. (2) 12. (3) 13. (4) 14. (4) 15. (B) 16. (B) 17. (D) 18. (A) 19. (A) 20. (C) 21. (C) 22. (2) 23. (2) 24. (A) 25. (A) 26. (D) 27.(B) 28. (B) 29. (C) 30. (A) 31. (B) 32. (B) 33. (B) 34. (C) 35. (A) 36. (A) 37. (A) 38. (B) 39. (C) 40. (B) 41. (A) 42. (A) 43. (B) 44. (B) 45. (B)

▫ भक्तमाल के रचयिता 'नाभादास' ने इनको 'कलिकाल का वाल्मीकि ' कहकर पुकारा है|
▫ ग्रियर्सन ने इनको 'महात्मा बुद्ध के बाद दूसरा बड़ा लोकनायक' कहकर पुकारा है|
▫ पाश्चात्य विद्वान 'विंसेंट स्मिथ' महोदय ने इनको 'मुगलकाल का सबसे बड़ा आदमी' कहकर पुकारा है|
▫ मधुसुदन सरस्वती ने उनको 'आनंदवन का वृक्ष ' कहकर पुकारा है|
▫ आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने इनको 'हिंदी का जातीय कवि' कहकर पुकारा है|
▫ आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने उनकी प्रशंसा में लिखा है -"अपरिमित धैर्य लेकर एक पुत्र पैदा हुआ, जिसने भारत में समन्वय की चेष्टा की| इनका काव्य जीवन दो कोटियों को मिलाने वाला काव्य है|"

बुधवार, 25 अक्तूबर 2017

हिन्दी भाषा-साहित्य प्रश्नोत्तरी-6 (हिन्दी-साहित्यकारों के कथन/काव्य-पंक्तियाँ)


हिन्दी भाषा-साहित्य प्रश्नोत्तरी-6 (हिन्दी-साहित्यकारों के कथन/काव्य-पंक्तियाँ)

मुहम्मद इलियास हुसैन
सम्पर्क : 9717324769
Hindisahityavimarsh.bligspot.in

1. निम्नलिखित पंक्तियों के साथ उनके लेखकों को सुमेलित कीजिए :
सूची-1 सूची-2
(A) मैं साहित्य को मनुष्य की दृष्टि से देखने का पक्षपाती हूँ (i) बालकृष्ण भट्ट
(B) नाद सौन्दर्य से कविता की आयु बढ़ती है (ii) हज़ारीप्रसाद द्विवेदी
(C) साहित्य जन समूह के हृदय का विकास है (iii) प्रतापनारायण मिश्र
(D) आचरण की सभ्यता का यह देश ही निराला है (iv) रामचन्द्र शुक्ल (v) सरदार पूर्णसिंह
कूट :
a b c d
(A) i ii iii iv
(B) ii iv i v
(C) ii iii iv v
(D) v i ii iii

2. निम्नलिखित कवियों को उनकी पंक्तियों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-1 सूची-2
(A) अज्ञेय (i) बात बोलेगी हम नहीं, भेद खोलेगी बात ही
(B) निराला (ii) मुक्त करो नारी को मानव
(C) पन्त (iii) रूपों में एक अरून्प सदा खिलता है
(D) शमशेर बहादुर सिंह (iv) बान्धो न नाव इस ठाव बन्धु (v) व्यक्ति का धर्म है तप, करुणा, क्षमा
कूट :
a b c d
(A) (iii) (iv) (ii) (i)
(B) (i) (ii) (iii) (iv)
(C) (ii) (iii) (i) (iv)
(D) (v) (iv) (iii) (ii)

3. निम्नलिखित पंक्तियों को उनके कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-1 सूची-2
(A) केशव कहि न जाइ, का कहिए (i) सूर
(B) अबिगति कछु कहत न आवै (ii) कबीर
(C) राम भगति अनियारे तीर (iii) जायसी
(D) जोरी लाइ रकत कै लेई (iv) तुलसी (v) मीरा
कूट :
a b c d
(A) i ii ii iv
(B) iv v iii ii
(C) iv i ii iii
(D) ii iii i v

4. इन उक्तियों को उनके आचार्यों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-1 सूची-2
(A) शब्दार्थ शरीरं ताबत् काव्यम् (i) भामह
(B) काव्यं ग्राह्यम अलंकारात् (ii) मम्मट
(C) मुख्यार्थहतिर्दोषः (iii) विश्वनाथ
(D) करोति कीर्तिं प्रतिं च साधु काव्य निबन्धनम् (iv) वामन (v) दण्डी
कूट :
a b c d
(A) i ii iii iv
(B) v iv ii i
(C) ii iii iv v
(D) v iv iii ii

5. इन स्थापनाओं को उनके विद्वानों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-1 सूची-2
(A) महान् कवि वही हो सकता है जो साथ में गम्भीर हो (i) टी. एस. इलियट
(B) कविता व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि उससे पलायन है (ii) कॉलरिज
(C) काव्य भाषा तथ्यात्मक नहीं, रागात्मक होती है (iii) लांजाइनस
(D) महान् व्यक्तित्व ही महान् विचारों से सम्पन्न होता है (iv) आई॰ ए॰ रिचर्ड्स
(v) ड्राइडन
कूट :
a b c d
(A) i ii iii iv
(B) iii ii iv v
(C) v iv iii i
(D) ii i iv iii

(A) महान् कवि वही हो सकता है जो साथ में गम्भीर हो౼ कॉलरिज
(B) कविता व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि उससे पलायन है౼ टी. एस. इलियट
(C) काव्य भाषा तथ्यात्मक नहीं, रागात्मक होती है౼ आई॰ ए॰ रिचर्ड्स
(D) महान् व्यक्तित्व ही महान् विचारों से सम्पन्न होता है౼ लांजाइनस

6. निम्नलिखित उदाहरणों को उनके अलंकारों के साथ सुमेलित कीजिए:
सूची-1 सूची-2
(A) दृग अरुझत टूटत कुटुम, जुरत चतुर चित प्रीति
परति गाँ दुरजन हिए, दई नई यह रीति (i) रूपक
(B) चंचल-अंचल सा नीलाम्बर (ii) उत्प्रेक्षा
(C) खिला हो ज्यों बिजली का फूल मेघ वन बीच गुलाबी रंग (iii) असंगति
(D) अम्बर पनघट में डुबो रही तारा-घट उषा-नागरी (iv) विरोधाभास (v) उपमा
कूट :
a b c d
(A) i ii iii iv
(B) iii v ii i
(C) ii iii iv v
(D) v iv i iii
(A) दृग अरुझत टूटत कुटुम, जुरत चतुर चित प्रीति परति गाँ दुरजन हिए, दई नई यह रीति౼ असंगति
(B) चंचल-अंचल सा नीलाम्बर౼ उपमा
(C) खिला हो ज्यों बिजली का फूल मेघ वन बीच गुलाबी रंग౼ उत्प्रेक्षा
(D) अम्बर पनघट में डुबो रही तारा-घट उषा-नागरी౼ रूपक

7. निम्नलिखित पंक्तियों को उनके कवियों के साथ सुमेलित कीजिए:
सूची-1 सूची-2
(A) कितना अकेला हूँ मैं, इस समाज में (i) मुक्तिबोध
(B) पिस गया वह भीतरी और बाहरी दो पाटों के बीच (ii) अज्ञेय
(C) वे पत्तर जो रहे हैं, तुम सपने जोड़ रहे हो (iii) नागार्जुन
(D) मैं ही वसन्त का अग्रदूत (iv) रघुवीर सहाय (v) निराला
कूट :
a b c d
(A) iv i iii v
(B) i ii iii iv
(C) ii iii iv v
(D) v iv iii i

(A) कितना अकेला हूँ मैं, इस समाज में౼ रघुवीर सहाय
(B) पिस गया वह भीतरी और बाहरी दो पाटों के बीच౼ मुक्तिबोध
(C) वे पत्तर जोड़ रहे हैं, तुम सपने जोड़ रहे हो౼ नागार्जुन
(D) मैं ही वसन्त का अग्रदूत౼ निराला

8. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-I सूची-II
(A) जेहि पंखी के नियर होई, करै बिरह की बात, सोई पंखी जाई जरि, तरिवर होई निपात
(i) तुलसीदास
(b) हमको सपनेहू में सोच जा दिन तें बिछुरे नन्दनन्दन ता दिन ते यह पोच (ii) नंददास
(d) जब जीवन को है कपि आस न कोय, कनगुरिया की मुदरी कंगना होय (iii) सूरदास
(d) जिभिया ऐसी बावरी कहि गई सरग-पताल आपुहिं कहि भीतर रही, जूती खात कपाल
(iv) जायसी (v) रहीम
कोड :
(A) (b) (c) (d)
(1) (iv) ( iii) ( i) (v)
(2) (v) (iv) (ii) (i)
(3) (iii) (v) (iv) (ii)
(4) (ii) ( i) ( iii) ( iv)

9. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों को सुमेलित कीजिए :
(A) नैया बीच नदिया डूबति जाय (1) रहीम
(B) अजगर करे न चाकरी,पंछी करे न काज (2) कबीर
(C) गुरु सुआ जेइ पंथ दिखावा (3) ख़ुसरो
(D) तबलग ही जीवो भलो देबौ होय न धीम (4) जायसी (5) मलूकदास
a b c d
(A) 5 1 2 3
(B) 2 5 4 1
(C) 2 3 5 1
(D) 2 1 5 4

10. निम्नलिखित काव्य पंक्तियों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए౼
(A) ये उपमान मैले हो गये हैं (1) अज्ञेय
(B) हम राज्य लिये मरते हैं (2) बिहारी
(C) बतरस लालच लाल की (3) मैथिलीशरण गुप्त
(D) भक्तिहिं ज्ञानहिं नहिं कछु भेदा (4) तुलसीदास (5) पंत
a b c d
(A) (v) (i) (ii) (iii)
(B) (i) (iii) (ii) (iv)
(C) (i) (ii) (iii) (iv)
(D) (iv) (v) (i) (ii)

11. निम्नलिखित गद्य-पंक्तियों को उनके लेखकों के साथ सुमेलित कीजिए-
(A) बैर क्रोध का अचार या मुरब्बा है (1) प्रेमचन्द
(B) अधिकार सुख कितना मादक और सारहीन (2) प्रसाद
(C) निज भाषा उन्नति अहै सब उन्नति को मूल (3) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
(D) मर्द साठे पर पाठे होते हैं (4) रामचन्द शुक्ल (5) हजारी प्रसाद द्विवेदी
कूट
a b c d
(A) (i) (ii) (iii) (iv)
(B) (v) (i) (ii) (iii)
(C) (iv) (ii) (iii) (i)
(D) (i) (iv) (v) (iii)

12. निम्नलिखित पंक्तियों को उनके कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) जो बीत गई सो बात गई (i) मुक्तिबोध
(B) मैं तो डूब गया था स्वयं सून्य में (ii) दिनकर
(C) दो पाटों के बीच पिस गया (iii) बच्चन
(D) रूप की आराधना का मार्ग आलिंगन तो और क्या है (iv) अज्ञेय (v) नरेंद्र शर्मा
कूट :
a b c d
(A) v i ii iv
(B) iv iv iii v
(C) iii v iv ii
(D) iii iv i ii

13. निम्नलिखित कथनों को उनके लेखकों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) करुणा दुखात्मक वर्ग में आने वाला मनोविकार है (i) डॉ॰ नगेन्द्र
(B) मनुष्य की श्रेष्ठ साधना ही संस्कृति है (ii) हजारी प्रसाद द्विवेदी
(C) छायावाद स्थूल के प्रति विद्रोह है (iii) रामचन्द्र शुक्ल
(D) आन्दोलन एक जातीय और जनवादी आन्दोलन है (iv) रामविलास शर्मा (v) रामस्वरूप चतुर्वेदी
कोड:
(a) (b) (c) (d)
(A) (i) (iv) (iii) (iii)
((½ (iii) (ii) (i) (iv)
(C) (iv) (ii) (v) (ii)
(D) (ii) (i) (iv) (iii)

14. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों के साथ उनके कवियां को सुमेलित कीजिए :
सूची-1 सूची-2
(A) चिर सजग उनींदी आंखें आज कैसा व्यस्त बाना (i) महावीर प्रसाद द्विवेदी
(B) रूपोद्यान प्रफुल्लप्रा; कलिका बिम्बाना (ii) मैथिली शरण गुप्त
(C) वेदने! तू भी भली बनी (iii) महादेवी वर्मा
(D) सुरम्य रम्ये रस राशि रंजिते (iv) अयोध्यासिंह उपाध्याय
(v) सुभद्रावती कुमारी चौहान
कूट :\
a b c d
(A) (iii) (iv) (ii) (i)
(B) (v) (ii) (i) (ii)
(C) (ii) (i) (v) (iv)
(D) (iii) (ii) (i) (v)

15. निम्नलिखित कथनों को उनके आचार्यों के साथ सुमेलित कीजिए :
¼A½ सौन्दर्यमलंकारः (i) विश्वनाथ
¼B½ वाक्यं रसात्मकं काव्यम् (ii) वामन
¼C½ वागर्थाविव सम्पृक्तौ वागर्थप्रतिपत्तये (iii) पं॰ जगन्नाथ
¼D½ रमणीयार्थ प्रतिपादकः शब्दः काव्यम् (iv) कालिदास (v) मम्मट
कोड :
¼a½ ¼b½ ¼c½ ¼d½
¼A½ (ii) (i) (iv) (iii)
¼B½ (iii) (ii) (i) (iv)
¼C½ (iv) (iii) (i) (ii)
¼D½ (i) (ii) (v) (iv)

16. निम्नलिखि पंक्तियों के साथ कवियों सुमेलन कीजिए :
¼A½ (।) घुन खाए शहतीरों पर ¼i½ केदारनाथ अग्रवाल
¼B½ (ठ) एक बीते के बराबर ¼ii½ नागार्जुन
¼C½ (ब्) किन्तु हम हैं द्वीप ¼iii½ धूमिल
¼D½ भूख से रिरियाती हुई ¼iv½ अज्ञेय ¼V½ लीलाधर जगूड़ी
कोड :
¼a½ ¼b½ ¼c½ ¼d½
¼A½ (i) (iv) (iii) (iii)
¼B½ (iii) (ii) (i) (iv)
¼C½ (iv) (ii) (v) (ii)
¼D½ (ii) (i) (iv) (iii)

17. निम्नलिखित पंक्तियों को उनके कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :
¼A½ साईं के सब जीव हैं कीरी कुंजर दोय ¼i½ विद्यापति
¼B½ देसिल बयाना सबजन मिट्ठा ¼ii½ कबीर
¼C½ भूषन बिनु न विराजई कविता बनिता मित्त ¼iii½ पद्माकर
¼D½ नैन नचाय कही मुसुकाय, लला फिर आइयो खेलन होरी ¼iv½ केशव ¼v½ बिहारी
कोड :
¼a½ ¼b½ ¼c½ ¼d½
¼A½ (i) (iv) (iii) (iii)
¼B½ (v) (ii) (iii) (ii)
¼C½ (iv) (ii) (v) (ii)
¼D½ (ii) (i) (iv) (iii)

18. पंक्तियों के साथ के साथ कवियों को सुमेलित कीजिए :
¼A½ सेस महेस गनेस दिनेस ¼i½ सूरदास
¼B½ मन लेत पै देत छटांक नहीं ¼ii½ तुलसीदास
¼C½ जैसे उड़ि जहाज़ को पंछी ¼iii½ घनानन्द
¼D½ गिरा अनयन नयन बिनु पानी ¼iv½ रसख़ान ¼v½ केशवदास
कोड :
¼a½ ¼b½ ¼c½ ¼d½
¼A½ ¼i½ ¼ii½ ¼v½ ¼iii½
¼B½ ¼iv½ ¼iii½ ¼i½ ¼ii½
¼C½ ¼iv½ ¼v½ ¼ii½ ¼i½
¼D½ ¼iii½ ¼iv½ ¼i½ ¼v½


19¯ निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों को उनके कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :
¼A½ जो घनीभूत पीड़ा थी ¼i½ अज्ञेय
¼B½ हेर प्यारे को सेज पास, नम्रमुख हंसी-ख़ुशी ¼ii½ प्रसाद
¼C½ हम नहीं कहते कि हमको छोड़ स्रोतस्विनी बह जाए ¼iii½ निराला
¼D½ जी हां हुजू़र, मैं गीत बेचता हूं ¼iv½ बच्चन ¼v½ भवानी प्र॰ मिश्र
कोड :
¼a½ ¼b½ ¼c½ ¼d½
¼A½ (i) (ii) (v) (iv)
¼B½ (v) (iii) (ii) (i)
¼C½ (iv) (ii) (i) (iii)
¼D½ (ii) (iii) (i) (v)

20.¯ काव्य लक्षण और उनके प्रतिष्ठापकों का सुमेलन कीजिए :
¼A½ शब्दार्थौं सहितौ काव्ययम् ¼i½ पंडितराज जगन्नाथ
¼B½ शरीरं तावदिष्टार्थ व्यवछिन्ना पदावली ¼ii½ विश्वनाथ
¼C½ रमणीयार्थ प्रतिपादकः शब्दः काव्यम् ¼iii½ कुंतक
¼D½ वाक्यं रसात्मकं काव्यम् ¼iv½ दण्डी ¼v½ भामह
कोड :
¼a½ ¼b½ ¼c½ ¼d½
¼A½ (i) (ii) (iii) (v)
¼B½ (iv) (v) (iii)(ii)
¼C½ (v) (iv) (i) (ii)
¼D½ (iii) (vi) (ii) (i)

21. निम्नलिखित पंक्तियों को उनके कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :
¼A½ जिधर अन्याय है, उधर शक्ति ¼i½ नागार्जुन
¼B½ नारी तुम केवल श्रद्धा हो ¼ii½ दिनकर
¼C½ बहुत दिनों तक चक्की रोई, चूल्हा रहा उदास ¼iii½ निराला
¼D½ सिंहासन खाली करो कि जनता आती है ¼iv½ पंत ¼v½ प्रसाद
कोड :
¼a½ ¼b½ ¼c½ ¼d½
¼A½ (v) (iv) (iii) (i)
¼B½ (i) (ii) (iii) (iv)
¼C½ (iv) (ii) (i) (v)
¼D½ (iii) (iv) (i) vi)

22. निम्नलिखित उक्तियों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :
¼A½ गोरख जगायो जोग, भगति भगायो लोग ¼i½ घनानन्द
¼C½ अनबूड़े बूड़े तिरे, जे बूड़े सब अंग ¼ii½ मीराबाई
¼C½ अति सूधो सनेह को मारग है ¼iii½ सूरदास
¼D½ बसो मेरे नैनन में नन्दलाल ¼iv½ बिहारी ¼v½ तुलसी
कोड :
¼a½ ¼b½ ¼c½ ¼d½
¼A½ (v) (iv) (iii) (i)
¼B½ (v) (iv) (i) (ii)
¼C½ (iv) (ii) (i) (v)
¼D½ (iii) (iv) (i) vi)

23. निम्नलिखित उक्तियों को उनके गं्रथकारों के साथ सुमेलित कीजिए :
¼A½ प्रदोषौ शब्दार्थौ सगुणावलंकृती पुनः क्वापि ¼i½ भट्टतौत
¼B½ प्रज्ञानवनवोन्येषशालिनी प्रतिभा मता ¼ii½ तुसली
¼C½ न कान्तमपि निर्भूषं विभाति वनिता मुखम् ¼iii½ मम्मट
¼D½ कीरति भनिति भूति भल सोई। सूरसरि सम सब कहैं हित होई।
¼iv½ भामह ¼v½ जायसी
कोड :
¼a½ ¼b½ ¼c½ ¼d½
¼A½ (v) (iv) (iii) (i)
¼B½ (i) (ii) (iii) (iv)
¼C½ (iv) (ii) (i) (v)
¼D½ (iii) (i) (iv) (ii)

24.¯ निम्नलिखित पंक्तियों के साथ कवियों का सुमेलन कीजिए :
¼A½ ज्यों ज्यों निहारिए नेरे ह्वै नैननि ¼i½ पद्माकर
¼B½ ऊंचे घोर मंदर के अन्दर रहनवारी है ¼ii½ घनानन्द
¼C½ नैन नचाय कह्यौ मुसुकाय ¼iii½ मतिराम
¼D½ रावरे रूप की रीति अनूप ¼iv½ भूषण ¼v½ ठाकुर
कोड :
(a) (b) (c) (d)
(A) (iii) (iv) (i) (ii)
(B) (v) (ii) (iii) (ii)
(C) (iii) (iv) (i) (v)
(D) (ii) (i) (iv) (iii)

25. निम्नलिखित पंक्तियों को उनके लेखकों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-1 सूची-2
(A) भक्ति धर्म की रसात्मक अनुभूति है (i) हजारी प्रसाद द्विवेदी
(B) श्रद्धेय बनने का मतलब है नान परसन अव्यक्ति हो जाना (ii) रामचन्द्र शुक्ल
(C) काव्य आत्मा की संकल्पनात्मक अनुभूति है (iii) बालमुकुन्द गुप्त
(D) पंडिताई भी एक बोझ है (iv) हरिशंकर परसाई (v) जयशंकर प्रसाद
कूट :
a b c d
(A) (iii) (iv) (ii) (i)
(B) (v) (ii) (i) (ii)
(C) (ii) (i) (v) (iv)
(D) (ii) (iv) (v) (i)

सोमवार, 23 अक्तूबर 2017



हिन्दी भाषा-साहित्य प्रश्नोत्तरी-5 (हिन्दी-साहित्यकारों की उक्तियाँ/काव्य-पंक्तियाँ)

मुहम्मद इलियास हुसैन
सम्पर्क : 9717324769
Hindisahityavimarsh.bligspot.in

1. नील परिधान बीच सुकुमार, खिला मृदुल अधखुला अंग
खिला हो ज्यों बिजली का फूल, मेघ वन बीच गुलाबी रंग
इन पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?
(A) उपमा (B) उत्प्रेक्षा (C) रूपक (D) दृष्टान्त

2. स्वाधीनता प्राप्ति के अवसर पर लिखी गई निम्नलिखित कविता किस कवि की है?
‘‘मुक्त गगन है, मुक्त पवन है, मुक्त सांस गर्वीली
लांघ सात लांबी सदियों को हुई शृंखला ढीली
टूटी नहीं कि लगा अभी तक, उपनिवेश का दाग़?
बोल तिरंगे, तुझे उड़ाऊँ या कि जगाऊँ आग?’’
(1) माखनलाल चतुर्वेदी (2) रामधारी सिंह दिनकर
(3) बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’ (4) सोहनलाल द्विवेदी
माखनलाल चतुर्वेदी रचित इस कविता का शीर्षक है - मुक्त गगन है, मुक्त पवन है

3. ‘‘कविता तो कवि की आत्मा का आलोक है, उसके हृदय का रस है, जो बाहर की वस्तु का अवलम्ब लेकर फूट पड़ती है’’ ౼यह कथन किसका है?
(1) जयशंकर प्रसाद (2) नरेश मेहता (3) रामधारी सिंह दिनकर (4) कुंवर नारायण

4. नैन नचाय कही मुसुकायए लला फिर आइयो खेलन होरी౼ काव्य.पंक्ति किस कवि की है ?
(A) पद्माकर (B) मतिराम (C) घनानन्द (D) देव

5. आवत जात पनहियां टूटी बिसरि गयो हरि नाम- यह पंक्ति किस कवि की है-
(A) चतुर्भुजदास (B) सूरदास (C) कुंभनदास (D) नन्ददास

6. कुन्दन को रंग फीको लगै, झलकै अति अंगनि चारु गौराई-
(A) भूषण (B) बिहारी (C) देव (D) मतिराम

7. 'आह, वेदना मिली विदाई'किस नाटक के गीत की पंक्ति है ?
(A) अजातशत्रु (B) चन्द्रगुप्त (C) स्कन्दगुप्त (D) धु्रवस्वामिनी

8. 'काव्यानुभूति की जटिलता चित्तवृत्तियों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि संवादी-विसंवादी वृत्ति के द्वन्द्व पर आधारित है' ౼यह कथन किसका है?
(A) रामचन्द्र शुक्ल (B)) नामवर सिंह (C) नन्ददुलारे वाजपेयी (D) हजारी प्रसाद द्विवेदी

9. 'सखि वे मुझसे कहकर जाते'౼ किस कवि की पंक्ति है?
(A) सियाराम शरण गुप्त (B) मैथिली शरण गुप्त (C) हरिऔध (D) जगदीश गुप्त

10. 'प्रभुजी तुम चन्दन हम पानी’ किसकी पंक्ति है?
(A) सन्त दादूदयाल (B) रैदास (C) सन्त पीपा (D) सन्त पल्टूदास

11. ‘‘रैण गंवाई सोइ के, दिवस गवाँइयाँ खाई
हीरे जैसे जनमुह है, कउड़ी बदले जाई’’
ये काव्य-पंक्तियाँ किस कवि की हैं ?
(1) कबीरदास (2) दादूदयाल (3) गुरु नानक (4) कुम्भनदास

12. कहा करौं बैकुंठ जाय?
जहं नहीं नन्द, जहां न जसोदा, नहिं जहं गोपी ग्वाल न गाय
उपर्युक्त पंक्तियां किसकी हैं?
(1) सूरदास (2) परमानन्ददास (3) हित हरिवंश (4) रसखान

13. ''मोरा जोबना नवेल रा भयो है गुलाल
कैसे घर दीनी बकस मोरी माल''
౼उक्त काव्य-पंक्तियां के रचरियता हैं
(A) धर्मदास (B) अमीर ख़ुसरो (C) दरिया साहब (D) यारी साहब

14. ''….रचना न तो दर्शन है और न किसी ज्ञानी कळ प्रौढझ् मस्तिष्क का चमत्कार, यह तो अन्ततः एक साधारण मनुष्य का शंकाकड्ढल हृदय ही है, जो मस्तिष्क कळ स्तर पर चढझ्कर बोल रहा है।' ౼रामधारी सिंह दिनकर द्वारा कहा गया यह कथन किस काव्य में संबंध में है?
(A) रश्मिरथी (B) उर्वशी (C) कुरुक्षेत्र (D) परशुराम की प्रतीक्षा

15. ‘‘उड़ गया गरजता यत्रा-गरुड़
बन बिन्दु, शून्य में पिघल गया साँप’’౼ ये पंक्तियाँ अज्ञेय की किस कविता से हैं?
(A) पहचान (B) साँप (C) हरि घास पर क्षण भर (D) हवाई अड्डे पर विदा

16. मैं नारि अपावन प्रभु जग पावन रावन रिपु जग सुखदाई
राजीव विलोचन भव भय मोचन पाहि-पाहि सरनहिं आई
रामचरित मानस की उक्त चौपाई में व्यक्त विचार किस पात्र के हैं ?
(1) अहल्या (2) शबरी (3) तारा (4) मंदोदरी

17. ''अच्युत् चरन तरंगिगिनी, शिव-सिर मालती माल''
परि न बनायो सुरसरी, कीजो इंजव भाल
౼इस दोहे के रचनाकार का नाम है :
(1) रहीम (2) रसलीन (3) रसखान (4) रामसहाय

18. ‘‘वाक्य रसात्मकं काव्यं’’ किसकी उक्ति है?
(1) रुद्रट (2) विश्वनाथ (3) वामन (4) कुन्तक

19. लिखन बैठी जाकी सबी गहि-गहि हरब गरूर
भए न केते जगत के चतुर चितेरे कूर
इस दोपे में सबी शब्द का अर्थ है :
(1) चित्र (नायिका के समान) (2) काल्पनिक चित्र (3) आदर्श चित्र (4) मनोनुकूल चित्र

20. ''फिर परियों के बच्चे से हम सुभग सीप के पंख पसार
समुद्र पैरते शुचि ज्योत्सना में पकड़ इन्द्र के कर सुकुमार''
౼इन काव्य-पंक्तियों के रचनाकार हैं :
(1) सुमित्रानन्दन पंत (2) महादेवी वर्मा (3) निराला (4) प्रसाद

21. ''भूलकर जब राह
जब जब राह
भटका मैं
तुम्हीं झलके, महाकवि,
सघन तम की आंख बनकर मेरे लिए।''
౼महाकवि निराला का उपर्युक्त स्तवन किस परवर्ती कवि ने कवि की है?
(1) शमशेर बहादुर सिंह (2) रामधारी सिंह दिनकर (3) धर्मवीर भारती (4) रघुवीर सहाय

22. ''सब का निचोड़ लेकर तुम
सुख से सूखे जीवन में
बरसो प्रभात हिम कण-सा
आँसू बनकर जीवन में''
उक्त काव्य-पंक्तियों के रचयिता हैं :
(1) निराला (2) जयशंकर प्रसाद (3) महादेवी वर्मा (4) पंत

23. ''कहाँ जाऊँ?/हर दिशा में/मृत्यु से भी बहुत आगे की अपरिमित दूरियाँ हैं'' ౼कविता की ये पंक्तियाँ कुंवर नारायण की किस रचना से है?
(1) चक्रव्यूह (2) अपने सामने (3) आत्मजयी (4) परिवेश : हम-तुम

24. ''वैदिक सूक्तों के गरिमामय उद्गम से लेकर लोकगीतों के महासागर तक जिस अविछिन्न प्रवाह की उपलब्धि होती है, उस भारतीय भावधारा का स्नातक हूँ।''
౼उपर्युक्त विचार विद्यानिवास मिश्र ने अपने किस निबंध-संग्रह की भूमिका में लिखे हैं?
(1) देश, धर्म और साहित्य (2) पीपल के बहाने (3 ) छितवन की छांह (4) शिरीष की याद आई

25. अज्ञेय ने ‘शेखर’ के संदर्भ में अपने किस निबंध में स्वीकार किया है कि ‘‘ज्याँ क्रिस्तोफ के अनवत आत्मशोध और आत्म-साक्षात्कार का जो चित्र ‘रोलाँ’ ने प्रस्तुत किया है, उससे कुछ अवश्य प्रेरणा मिली?’’
(1) अद्यतन (2) आत्मनेपद (3) त्रिशंकु (4) धार और किनारे

26. ‘‘आज बस पराजय की बेला में सिद्ध हुआ
झूठी थी सारी अनिवार्यता भविष्य की
केवल कर्म सत्य है
मानव जो करता है, इसी समय
उसी में निहित है भविष्य
युग-युग तक का’’
౼अंधायुग का उक्त संवाद किस अंक से उद्धृत है ?
(1) कौरव नगरी (2) गांधारी का शाप (3) प्रभु की मृत्यु (4) पशु का उदय

27. ‘‘समझदारी आने पर यौवन चला जाता है, जब तक माला गुंथी जाती है फूल कुम्हला जाते हैं’’
౼जयशंकर प्रसाद कृत ‘चन्द्रगुप्त’ नाटक का उक्त संवाद किस पात्र द्वारा बोला गया है ?
(1) दाण्ड्यायन (2) चाणक्य (3) चन्द्रगुप्त (4) सिंहरण

28. ‘काव्यशोभायाः कर्तारौ धर्मः गुणाः’ यह किस आचार्य की उक्ति है?
(1) मम्मट (2) वामन (3) आनन्दवर्द्धन (4) विश्वनाथ

29. ‘‘मैं साहित्य को मनुष्य की दृष्टि से देखने का पक्षपाती हूँ’’ ౼यह किस आचार्य की उक्ति है?
(1) महावीरप्रसाद द्विवेदी (2) रामचन्द्र शुक्ल (3) हज़ारीप्रसाद द्विवेदी (4) नन्ददुलारे वाजपयी

30. काम मंगल से मंडित श्रेय
सर्ग इच्छा का है परिणाम
तिरस्कृत कर उसको तुम भूल
बनाते हो असफल भवधाम
उपर्युक्त काव्य-पंक्तियां ‘कामायनी’ के किस सर्ग की हैं?
(1) वासना (2) काम (3) श्रद्धा (4) लज्जा

31. ‘‘यह सूचित करने की आवश्यकता नहीं है कि न तो सूर का अवधी पर अधिकार था और न जा(सी का ब्रजभाषा पर’’ यह कथन किसका है?
(1) हज़ारीप्रसाद द्विवेदी (2) नगेन्द्र (3) रामचन्द्र शुक्ल (4) रामकुमार वर्मा

32. ‘गिरा अरथ, जल बीचि सम कहि(त भिन्न भिन्न
बंदौं सीमाराम पद जिनहि परम प्रिय खिन्न’ ౼उक्त काव्य- पंक्तियाँ किस कवि की है ?
(1) केशवदास (2) तुलसीदास (3) ईश्वरदास (4) नागरीदास

33. ‘‘चिरजीवों जारी जुरैं क्यों न सनेह गंभीर
को घटि ये वृषभानुजा वे हलधर के बीर’’
‘वृषभानुजा’ और ‘हलधर’ में कौन-सा अलंकार है?
(1) यमक (2) प्रतीप (3) श्लेष (4) ब्याजस्तुति

34. ‘‘अष्टछाप में सूरदास के पीछे इन्हीं का नाम लेना पड़ा है, इनकी रचना भी बड़ी सरस और मधुर है, इनके संबंध में यह कहावत प्रसिद्ध है कि और कवि गढ़िया नंददास जड़िया’ यह कथन किसका है?
(1) रामचन्द्र शुक्ल (2) हज़ारीप्रसाद द्विवेदी (3) रामकुमार (4) नन्ददुलारे वाजपेयी

35. ‘‘छोड़ द्रुमों की मृदु छाया
तोड़ प्रकृति से भी माया
बोले! तेरे बाल-जाल में कैसे उलझा दूँ लोचन?’’
(1) रामनरेश त्रिपाठी (2) जयशंकर प्रसाद (3) सुमित्रानंदन पंत (4) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

36. ‘कविता कवि व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति नहीं, व्यक्तित्च से पलायन है’ यह कथन किसका है?
(1) लुकाच (2) कॉलरिज (3) आई॰ ए॰ रिचर्ड्स (4) टी॰ एस॰ इलियट

37. ‘श्रेष्ठ कविता प्रबल मनोवेगों का सहज उच्छलन है, किन्तु इसके पीछे कवि की विचारशीलता और गहन चिन्तन होना चाहिए’ ౼यह विचार किस पाश्चात्य चिन्तक का है?
(1) कॉलरिज (2) क्रोचे (3) लेविस (4) वडर्सवर्थ

38. ‘‘हिन्दू पूजै देहरा, मुसलमान मसीद’’ यह किस कवि की पंक्ति है?
(1) कबीर (2) नामदेव (3) मंझन (4) सुन्दरदास

39. अपना परिचय देते हुए किस कवि ने स्वीकार किया है कि
‘‘हय रथ पालकी, गयंद, ग्राम, चारु
आखर लगा लेत लाखन की सामा हौं’’
(1) भूषण (2) देव (3) प्रतापसाहि (4) पद्माकर

40. ‘‘समरस थे जड़ चेतन
सुन्दर साकार बना था
चेतनता एक विलसती
आनन्द अखंड घना था’’
౼जयशंकर प्रसाद की उर्पयुक्त पंक्तियां कामायनी कके किस सर्ग की हैं?
(1) श्रद्धा (2) रहस्य (3) आनन्द (4) इड़ा

41. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म संगत है ౼
(1) आह वेदना मिली विदाई-जयशंकर प्रसाद
(2) सखि! वे मुझसे कहकर जाते- महादेवी वर्मा
(3) एक बार बस और नाच तू श्यामा- पंत
(4) दुख सबको मांजता है- निराला

42. बरह बरस लौं कूकर जियैं अरु तेरह लौ जियैं सियार।
बरस अठारह क्षत्रिय जीवै, आगे जीवन को धिक्कार।। ౼ये पंक्तियों किस रासो काव्य की हैं :
(1) खुमान रासो (2) पृथ्वीराज रासो (3) हम्मीर रासो (4) परमाल रासो

43. अमिय हलाहल मद भरे, सेत स्याम रतनार
जियत मरत झुकि झुकि परत, जेहि चितवत इक बार-इन काव्य पंक्तियों के कवि हैं౼
(1) बिहारी (2) रसलीन (ब3) घनानन्द (4) मतिराम

44. ''साहित्य जनसमूह के हृदय का विकास है।'' ;ह परिभाषा किसकी है౼
(1) भारतेन्दु (2) बालकृष्ण भट्ट (3) महावीर प्रसाद द्विवेदी (4) हजारी प्रसाद द्विवेदी

45. ''भाषा प्रवीन सुछन्द सदा रहै, सो घन जी के कवित्त बखानै'' ౼किस कवि की पंक्ति है\
¼A) घनानन्द की ¼B) बोधा की ¼C) ब्रजरत्नदास की ¼D) रत्नाकर की

46. 'अपने यहां संसद ऐसी घानी है, जिसमें आधा तेल आधा पानी है' के कवि हैं :
¼A) केदारनाथ सिंह ¼B) धूमिल ¼C) लीलाधर जगूड़ी ¼D) राजेश जोशी

47. मैंने श्रीकृष्णचन्द्र को इस ग्रंथ में एक महापुरुष की भाँति अंकित किया है, ब्रह्म करके नहीं ౼यह
आख्यान किस कवि ने किया है \
(1) धर्मवीर भारती (2) द्वारिका प्रसाद मिश्र
(3) मैथिलीशरण गुप्त (4) अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔध

48. दुख ही जीवन की कथा रही
क्या कहूँ आज जो नहीं कही ౼यह कथन किस कवि का है\
(1) प्रसाद (2) मुक्तिबोध (3) निराला (4) पंत

49. देसिल बयाना सब जन मिट्ठा ౼किसका कथन है ?
¼A) तुलसीदास ¼B) सूरदास ¼C) कबीरदास ¼D) विद्यापति

50. बसो मेरे नैनन में नन्दलाल ౼किसकी पंक्ति है \
¼A) सूरदास ¼B) नन्ददास ¼C) मीराबाई ¼D) कृष्णदास

51. तोड़ने ही होंगे मठ और गढ़ सब ౼किसकी उक्ति है ?
¼A) निराला ¼B) रघुवीर सहाय ¼C) नागार्जुन ¼D) मुक्तिबोध

52. हिन्दी नयी चाल में ढली, सन् 1873 ई॰ में ౼यह किसका कथन है :
¼A) रामविलास शर्मा ¼B) रामचन्द्र शुक्ल ¼C) किशोरीदास वाजपेयी ¼D) भारतेन्दु

53. आधुनिक काल में गद्य का आविर्भाव सबसे प्रधान घटना है ౼यह कथन किसका है \
¼A) महावीर प्रसाद द्विवेदी ¼B) रामचन्द्र शुक्ल ¼C) रामविलास शर्मा ¼D) नन्ददुलारे वाजपेयी

54. झांकियां निकलती हैं ढोंग अविश्वास की
बदबू आती है मरी हुई बात की
इस हवा में अब नहीं डोलूंगा
नहीं, नहीं, मैं यह खिड़ी नहीं खोलूंगा। ये पंक्तियों किसकी है \
¼A) प्रभाकर माचवे ¼B) भारतभूषण अग्रवाल ¼C) नरेश मेहता ¼D) सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

55. 'रमणीयार्थ प्रतिपादकः शब्दः काव्यम्' किस आचार्य का कथन है \
(A) मम्मट (B) विश्वनाथ (C) पंडितराज जगन्नाथ (D) भामह

1. (C) 2. (1) 3. (3) 4. (A) 5. (c) 6. (D) 7. (C) 8. (A) 9. (B) 10. (B) 11. (1) 12. (2) 13. (B) 14. (C) 15. (D) 16. (A) 17. (1) 18. (2)

19. (1) 20. (1) 21. (1) 22. (2) 23. (3) 24. (3) 25. (2) 26. (4) 27. (2) 28. (2) 29. (3) 30. (3) 31. (3) 32. (2) 33. (3) 34. (1) 35. (3)

36. (4) 37. (4) 38. (2) 39. (4) 40. (3) 41. (1) 42. (4) 43. (2) 44. (2) 45. (C) 46. (B) 47. (4) 48. (3) 49. (D) 50. (C) 51. (D) 52. (D)

53. (B) 54. (D) 55. (C)